नर्मदा पुल गुणवत्ता मामला: मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का सख्त रुख, ठेकेदार पर एफआईआर
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने नर्मदा जिले में करजण नदी पर बने पुल की खराब गुणवत्ता पर सख्त कार्रवाई की है। ...और पढ़ें

HighLights
नर्मदा पुल की खराब गुणवत्ता पर सीएम का कड़ा रुख।
ठेकेदार मेसर्स रॉयल इन्फ्रा इंजीनियरिंग पर एफआईआर दर्ज।
सार्वजनिक निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं।
डिजिटल डेस्क, गांधीनगर। नर्मदा जिले में राजपीपळा-रामगढ (नवागाम) रोड पर करजण नदी पर स्थित मेजर ब्रिज के निर्माण की खराब गुणवत्ता को लेकर ठेकेदार के विरुद्ध प्रभावी एवं कड़े कदम उठाए गए हैं।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य सरकार के सड़क एवं भवन विभाग को इस पुल के निर्माण में शामिल मेसर्स रॉयल इन्फ्रा इंजीनियरिंग प्रा. लि., सूरत के विरुद्ध आपराधिक शिकायत-एफआईआर दर्ज करने के दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद राजपीपळा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है।
राजपीपळा तथा रामगढ के आसपास के क्षेत्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण यह पुल गुणवत्तापूर्ण नहीं होने के कारण जोखिमपूर्ण पाया गया।
पुल के निरीक्षण तथा परीक्षण के बाद इस पुल के ठेकेदार के विरुद्ध आपराधिक शिकायत दर्ज की गई है। इसके अलावा, खराब कार्य के लिए संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध भी कड़े कदम उठाने के आदेश दिए गए हैं।
सड़क एवं भवन विभाग ने इस पुल का कार्य वर्ष 2018-2019 में ठेकेदार मेसर्स रॉयल इन्फ्रा इंजीनियरिंग प्रा. लि., सूरत को सौंपा था। इस कार्य की निविदा राशि 10.71 करोड़ रुपए थी और कार्य शुरू करने की तिथि 15/09/2018 थी, जबकि कार्य भौतिक रूप से वास्तव में 14/08/2020 को पूरा हुआ था।
विभाग द्वारा पुल की जांच के दौरान एक फाउंडेशन के धंसने की बात सामने आई थी। यह क्षति सामने आने पर क्वालिटी कंट्रोल प्रभाग ने पूरे पुल का परीक्षण एवं निरीक्षण करने को कहा था। इसमें जांच के दौरान पुल के अन्य हिस्सों में भी क्षतियां ध्यान में आई थीं।
पुल को यातायात के लिए उपयुक्त एवं सुरक्षित नहीं पाए जाने के कारण उस पर यातायात बंद करना भी अनिवार्य हो गया था। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस गंभीर क्षति को ध्यान में लेते हुए पुल का निर्माण करने वाले ठेकेदार मेसर्स रॉयल इन्फ्रा इंजीनियरिंग प्रा. लि. तथा उसके प्रतिनिधियों के विरुद्ध लागू कानूनी प्रावधानों के तहत आपराधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा, उन्होंने पुल के निर्माण में किए गए हल्की गुणवत्ता के कार्य और संबंधित लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध भी गुजरात राज्य सेवा (अनुशासन व अपील) नियम, 1971 अंतर्गत कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए हैं।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस कार्रवाई के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है कि राज्य सरकार सार्वजनिक निर्माण कार्यों में गुणवत्ता व सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं करना चाहती है।
मुख्यमंत्री अक्सर कहते हैं कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में गंभीर खामियों तथा जिम्मेदारी निभाने में लापरवाही के विरुद्ध कानून एवं नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस कड़ी कार्रवाई से मुख्यमंत्री ने उनकी यह बात साकार हुई है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपनाई गई ‘जो कहना, वह करना’ की कार्यशैली का एक और उदाहरण प्रस्तुत किया है।
