नई दिल्ली, प्रेट्र। गुजरात की राजनीति में कांग्रेस व भाजपा एक दूसरे से आगे निकलने की जुगत में हैं। इसके लिए नित नई रणनीति बनाई जा रही हैं, लेकिन भाजपा का मानना है कि जातिवादी कार्ड कांग्रेस को भारी पडऩे वाला है। आखिर में यह पैंतरा कांग्रेस को लेकर बैठने वाला है, क्योंकि परस्पर विरोधी ध्रुव टकराएंगे जरूर। 

 

सत्ताधारी दल का मानना है कि पाटीदारों व पिछड़ों को एक मंच पर लाने की कांग्रेस की मुहिम उसे ही भारी पडऩे वाली है। कांग्रेस अल्पेश ठाकोर को मिलाकर हार्दिक पटेल को लुभाने में लगी है, लेकिन दोनों की राजनीतिक प्रतिद्वंदिता किसी से छिपी नहीं है। हार्दिक पाटीदारों के लिए ओबीसी कोटे में आरक्षण की मांग कर रहे हैं जबकि अपेल्श ठाकोर इसके खिलाफ रैली भी कर चुके हैं। भाजपा का मानना है कि वैसे भी पटेल समुदाय के वोट सरकार बनाने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। 2012 में पूर्व मुख्यमंत्री केशूभाई पटेल ने अपनी पार्टी बनाकर चुनाव लड़ा था तो उन्हें केवल चार फीसद वोट ही मिल सके थे। तब गुजरात के मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी के करिश्मे के आगे उन्हें घुटने टेकने पड़ गए थे। उनकी पार्टी को बाद में भाजपा में विलय करना पड़ गया। हालांकि तब से स्थिति आज अलग है। पटेल समुदाय आरपार की लड़ाई लडऩे का मन बना चुका है। माना जा रहा है कि इस चुनाव में वह एकजुट होकर दल विशेष का समर्थन करेगा।

 

भाजपा राज्य में 1995 से सत्ता में है। उसका चुनावी अभियान हिंदुत्व व विकास पर आधारित है जबकि कांग्रेस मान रही है कि जातिगत समीकरणों के साथ विकास का मॉडल ही भाजपा को लेकर बैठने वाला है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह चुनाव में 150 सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। 2012 में उसे 112 सीटें मिली थीं वहीं कांग्रेस को 59 पर संतोष करना पड़ा था। अभी मोदी प्रधानमंत्री हैं तो भाजपा के लिए गुजरात में बड़ी जीत हासिल करना इस समय बेहद जरूरी है।

 

रूपाणी ने कहा, रुख स्पष्ट करें हार्दिक पटेल

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा है कि हार्दिक पटेल को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। उनका कहना है कि पाटीदारों को बैकवर्ड कोटे में आरक्षण नहीं दिया जा सकता, क्योंकि संविधान में इसकी इजाजत नहीं है। कांग्रेस भी हार्दिक को आश्वासन दे चुकी है कि आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के तहत पाटीदारों को आरक्षण दिया जाएगा। उनका कहना है कि हार्दिक ने कांग्रेस को तीन नवंबर तक का अल्टीमेटम दिया है, लेकिन उन्हें पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनका आखिरकार रुख क्या रहेगा? 

 

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Posted By: Babita Kashyap

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