अहमदाबाद, जेएनएन। बरसात में चार महीने बंद रहने के बाद गीर अभयारण्य तथा राष्ट्रीय उद्यान दर्शनार्थियों के लिए आज से शुरू कर दिया गया है। पर्यटक यहाँ सिहं सहित अन्य वन प्राणियों का नजारा कर सकेंगे। आज पहले दिन आने वाले पर्यटकों का वन कर्मियों द्वारा स्वागत किया जाएगा। सिहं दर्शन के लिए आनेवाले पर्यटकों के लिए 13 रूट पर कुल 150 परमिट जारी की जायेगी।

उल्लेखनीय है कि बरसात की ऋतु के दौरान सिहं सहित अन्य वन प्राणियों का संवनन कल होता है। इसके अतिरिक्त जंगल की सड़कें भी खराब हुई रहती हैं। इस समय वन प्राणियों को पहुंचने वाली खलल को रोकने के लिए गीर और राष्ट्रीय उघान बंद रखा जाता है। इस चार महीने वन प्राणी निर्वाध विचरण करते हैं। अब बरसात की ऋतु पूरी होने पर आज 16 अक्टूबर से पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। पर्यटक निश्चित रूट पर जाकर सिहं का दर्शन कर सकते हैं।

यहां गीर के वनक्षेत्र में सासण के आसपास सिहं दर्शन के लिए 13 रूट निश्चित किए गये हैं। इस रूट पर तीन अलग-अलग समय पर 150 परमिट जारी की जाती है। दीपावली के अवसर पर पर्यटकों की तादाद बढ़ने के कारण परमिट की संख्या बढ़ाकर 180 कर दी जायेगी।

गीर वन्यजीव अभयारण्य

गुजरात के पश्चिम मध्य भारत में गीर वन राष्ट्रीय उद्यान और अभ्यारण्य स्थित है। ये अभ्यारण्य 1424 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इस अभ्यारण्य में शेर, सांभर, तेंदुआ और जंगली सूअर प्रमुखता से पाए जाते हैं। इस राष्ट्रीय उद्यान में तुलसी-श्याम झरने के पास भगवान कृष्ण का एकमंदिर भी बना हुआ है। जंगल के राजा शेर के लिए गीर भारत के महत्वपूर्ण वन्य अभ्यारण्यों में से एक है। सन 1965 में गीर जंगल को वन्यजीव अभ्यारण्य बनाया गया था। छह साल बाद इसका विस्तार करके इसे राष्ट्रीय  उद्यान के रूप में स्थापित किया गया। 

World Food Day 2019:छोटी उम्र में क्‍यों रहे हैं घातक रोग, एक नहीं अनेक हैं कारण

परिवहन निगम कर्मियों की बल्ले-बल्ले: वेतन में ढाई गुना वृद्धि, जानें किसकी कितनी बढ़ी पगार

 

Posted By: Babita kashyap

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप