अहमदाबाद, जागरण संवाददाता। गुजरात में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। राज्‍य के 74 बांध 90 फीसद तक लबालब हो चुके हैं, वहीं आगामी चार दिन दक्षिण गुजरात, सौराष्‍ट्र व उत्‍तर गुजरात में भारी बारिश की आशंका जताई है। पोरबंदर के पास समुद्र में एक बोट डूब गई। वडोदरा में पेड गिरने से एक महिला की मौत हो गई वहीं बनासकांठा में रेल नदी के पुल से से एक डंपर नदी में बह गया। राज्‍य में एनडीआरएफ की 15 टीमें तैनात हैं। बीते चौबीस घंटे में सूरत में 12 इंच से अधिक बारिश हुई, जिससे उमरपाडा, ओडदर, पर्वतपाटिया, कांकरेज, चीखली आदि इलाके टापू बन गए। गीर सोमनाथ, सासण गीर जंगल, जामनगर, भावनगर, द्वारिका, पोरबंदर, आणंद, भरुच, वडोदरा, अहमदाबाद, गांधीनगर आदि शहरों में भी भारी बारिश दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, सौराष्‍ट्र, कच्‍छ, दक्षिण गुजरात व उत्‍तर गुजरात में आगामी चार दिन में भारी बारिश होगी। महाराष्‍ट्र में भारी बारिश के चलते उकाई डेम में एक लाख क्‍यूसेक से अधिक पानी की आवक है। बांध प्रशासन ने 75 हजार क्‍यूसेक पानी छोड़ने के लिए बांध के 22 में से 19 दरवाजे खोल दिए हैं। कोडीनार, गीर सोमनाथ में भारी बारिश के चलते शिंगोडा बांध में पानी की अधिक आवक के बाद दरवाजे खोलने पड़े जिससे सासण गीर जंगल की नदियां भी उफान पर हैं। उत्‍तर गुजरात के कडाणाबांध में भी 2688 क्‍यूसेक पानी की आवक बनी हुई है। कडाणा से जहां उत्‍तर गुजरात के जिलों को सिंचाई व पेयजल के लिए पानी मिलता है, वहीं उकाई डेम दक्षिणगुजरात के कई जिलों को सिंचाई व पेयजल के लिए पानी उपलब्‍ध कराता है। सरदार सरोवर बांध में हाल पानी की आवक कम है, बांध में अब तक करीब 53 फीसद ही पानी जमा है।

पोरबंदर के पास समुद्र में तेज हवाओं के चलते एक बोट डूब गई। बोट में सवार छह खलासी मछुआरों को दूसरी बोट के मछुआरों ने बचा लिया। बनासकांठा जिले के धानेरा कस्‍बे के पास रेल नदी में पानी के तेज बहाव में एक डंपर बहकर नदी में जा गिरा। वडोदरा में तेज हवाओं से एक पेड़ गिर गया, जिससे एक महिला की मौत की खबर है। साबरकांठा, पाटण, गांधीनगर, राजकोट, जामनगर, सूरत,द्वारिका, मेहसाणा, आणंद, मोरबी, पोरबंदर, तापी, भरूच,नवसारी, वलसाड, सूरत,नर्मदा, महीसागर आदि जिलों में आगामी चार दिन में भारी बारिश की आशंका है।

गुजरात में बीते 24 घंटों से जारी बारिश के कारण दक्षिण और सौराष्ट्र के कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गयी है। खेड़ा और आनंद जिलों में सड़केंं पूरी तरह से जलमग्‍न हो चुकी हैं। सूरत के कुछ हिस्‍सों में भारी बारिश के कारण लोगों को जलभराव की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को शहर में भारी बारिश के साथ आकाश में बादल छाये रहने का अलर्ट जारी किया गया है। गौरतलब है कि गुजरात की 230 तहसीलों में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। राज्‍य में अब तक मानसून की 58 फीसद बारिश हो चुकी है।

तापी व विश्‍वामित्री उफान पर

बीते चौबीस घंटे में सूरत में जोरदार बारिश हुई है। सूरत में तापी नदी उफान पर है, वडोदरा में विश्‍वामित्री नदी, नवसारी में पूर्णा नदी, बनासकांठा में रेल नदी उफन रही है। सूरत का पर्वत पाटिया, घोडादरा, उमराडा, मांगरोल मांडवी, बारडोली, चीखली भारी वर्षा के चलते टापू बन गये हैं। उधर, आणंद व वडोदरा में भी भारी वर्षा होने से घरों में पानी घुस गया। आगामी तीन दिनों में भारी वर्षाकी चेतावनी के चलते वलसाड, नवसारी, सूरत,भावनगर, अमरेली, गीर सोमनाथ, द्वारिका, पाटण, सुरेंद्रनगर, बनासकांठा, कच्‍छ में एनडीआरएफ तैनात की गई है जबकि गांधीनगर में एक टीम रिजर्व रखी गई है।

समुद्र से दूर रहे मछुआरे

गुजरात में भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए मौसम विभाग और गुजरात के डिजास्टर मैनेजमेंट ने मीटिंग कर एनडीआरएफ की 14 टीमों को अलग-अलग जिलों में तैनात किया हुआ है। मौसम विभाग ने 16 व 17 अगस्‍त के लिए भी  राज्‍य में भारी बारिश का भी अलर्ट जारी किया है। मछुआरों को समुद्र से दूरी बनाये रखने की सलाह दी गयी है, समुद्री किनारों पर खतरे के निशान वाले सिग्‍नल लगाये गये हैं। मौसम विभाग के निदेशक जंयत सरकार के अनुसार गुजरात में कम दबाव और चक्रवाती सिस्टम सक्रिय होने के चलते अगले पांच दिनों तक भारी से भारी बारिश का अनुमान है।

एनडीआरएफ की टीम तैनात 

राज्‍य में भारी बारिश के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं ऐसे में गुजरात सरकार ने एनडीआरएफ की टीम को कच्छ, मोरबी, जामनगर, देवभूमि द्वारिका, गांधीनगर, बनासकांठा, पाटण, पोरबंदर, गिर सोमनाथ, अमरेली, सूरत, वलसाड, भावनगर,  नवसारी में तैनात किया है. इसके साथ ही वडोदरा में एनडीआरएफ के हेडक्वार्टर में भी एक टीम को तैनात किया हुआ है। 

पानी से लबालब हुए डैम 

राज्य के 205 डैम में से 37 डैम पूरी तरह से पानी से लबालब हो चुके हैं जबकि 7 डैम में 70% पानी भर चुका है। भारी बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं। जिला प्रशासन ने नदी के किनारे बसे हुए इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने का निर्देश जार किया है।  

 

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