अहमदाबाद, पीटीआइ। महानगर के सबसे पॉश नवरंगपुरा इलाके में स्थित स्पेशल कोविड श्रेय अस्पताल के आईसीयू वार्ड में वीरवार रात करीब 3 बजे लगी आग में आठ कोरोना मरीजों की झुलस कर मौत हो गई। मामले की पूछताछ के लिए गुजरात के एसीपी एलबी जला के अनुसार नवरंगपुरा पुलिस ने अस्पताल के ट्रस्टी भरत महंत और एक वार्ड बॉय को हिरासत में ले लिया गया है। 

मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने तत्काल घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश देेेेते हुुुए, मृतकों के परिवार को चार-चार लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। 

आरोप है कि श्रेय हॉस्पिटल में फायर सेफ्टी के कोई इंतजाम नहीं थे। वीरवार तड़के करीब 3:00 बजे अचानक अस्पताल के आईसीयू वार्ड में आग लग गई जिसमें 5 पुरुष वह तीन महिलाओं की झुलसने के कारण मौत हो गई। श्रेय अस्पताल 50 बेड का कोविड-19 अस्पताल है। अस्पताल के पास फायर सेफ्टी के साधन नहीं होने वह फायर ब्रिगेड का अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं होने की भी बात सामने आ रही है। घटना के दौरान करीब 40 से 45 मरीज यहां भर्ती थे। यह सभी कोरोना संक्रमित थे जिन्हें महानगर पालिका संचालित सरदार वल्लभभाई पटेल हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया गया है। 

अहमदाबाद महानगरपालिका के विशेष अधिकारी आईएएस डॉ राजीव गुप्ता ने कहां है कि श्रेय हॉस्पिटल की घटना को लेकर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी लेकिन इस अस्पताल से अब तक 350 कोरोना संक्रमित रोगों का उपचार किया जा चुका है। सरकार ने घटना की जांच के लिए 3 दिन का वक्त दिया है। घटना के कारणों वह अन्य विषय पर कुछ भी कहना अभी जल्दबाजी होगी।

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से आर्थिक मदद की घोषणा 

अहमदाबाद में अस्पताल में आग लगने से जान गंवाने वालों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) की ओर से 2 लाख दिए जाएंगे। अस्पताल में आग लगने के कारण घायल हुए लोगों में से प्रत्येक को 50,000 दिए जाएंगे।

 गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर जताया दुख 

अहमदाबाद के एक अस्पताल में एक आग की दुखद दुर्घटना के कारण जानमाल के नुकसान से गहरा दुख हुआ। दुख की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ मेरी संवेदना हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं।

 

सीएम विजय रुपाणी ने दिए जांच के आदेश 

मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने इन मरीजों की खास देखभाल करने वह स्वास्थ्य सुविधाओं व सेवाओं का विशेष प्रबंध करने के भी निर्देश स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव डॉक्टर जयंती रवि को दिए हैं। फायर विभाग की करीब 8 गाड़ियां एवम 10 एम्ब्युलेंस देर रात मौके पर थी मौजूद रहकर राहत एवं बचाव कार्य किया। सभी शव पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेजें गये हैं।

 मरीजो की जानकारी परिवारजनों को नही दिए जाने के चलते यहां मरीजों के परिजनों व अस्पताल प्रबंधन के बीच विवाद भी हुआ। बाकी मरीजो को एसवीपी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया है। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने इस घटना पर दुख जताते हुए गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव संगीता सिंह शहरी विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मुकेश कुमार को इसकी जांच सौंप दी है। जांच रिपोर्ट तीन दिन में सरकार को सुपुर्द की जाएगी।   

 अहमदाबाद सेक्‍टर 1 के जेसीपी राजेंद्र असारी ने बताया कि आग लगने के अस्‍पताल में उपचाराधीन आठ लोगों की मौत हो चुकी है। अन्य रोगियों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया है। इस मामले की पूरी जांच की जाएगी।

अस्पताल में भर्ती लगभग 40 अन्य रोगियों को भीषण आग के बाद सिविक बॉडी द्वारा संचालित एसवीपी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। बताया जा रहा है कि अस्‍पताल के आइसीयू विभाग में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी और धीरे-धीरे फैलती चली गयी। 

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