अहमदाबाद, एएनआइ। कमलेश तिवारी हत्याकांड में अहमदाबाद (गुजरात) की एक अदालत ने वीरवार को दोनों आरोपितों अशफाक और मोइनुद्दीन को 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर भेजा है। 

गौरतलब है कि हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्याकांड में गुजरात एटीएस ने अशफाक व मोईनुद्दीन को राजस्थान की सीमा पर शमलाजी के पास से गिरफ्तार किया था। दोनों ने हत्या का जुर्म कुबूल कर लिया है। इससे पहले यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने दोनों पर ढाई-ढाई लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।

गुजरात एटीएस के डीआइजी हिमांशु शुक्ल ने बताया कि दोनों को मंगलवार की शाम उस वक्त गिरफ्तार किया, जब वो गुजरात की सीमा में प्रवेश करने वाले थे। 34 वर्षीय अशफाक और 27 वर्षीय मोईनुद्दीन गुजरात के सूरत के रहने वाले हैं। पैसे खत्म होने के बाद दोनों ने अपने परिजनों और दोस्तों से संपर्क किया था, जिसके बाद सर्विलांस के जरिए दोनों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।

लखनऊ के खुर्शेदबाग में 18 अक्टूबर को दिनदहाड़े कमलेश तिवारी की हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद दोनों हत्यारे लखनऊ, शाहजहांपुर, बरेली, पीलीभीत व अन्य स्थानों पर छिपते रहे। दोनों हत्यारोपी एक दिन पूर्व नेपाल से शाहजहांपुर पहुंचे थे और जहां से वो गुजरात जा रहे थे।दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया जाएगा। मामले की जांच कर रही उत्तर प्रदेश पुलिस की एसआइटी की टीम उन्हें लाने गुजरात रवाना की जा रही है।

डीजीपी ओपी सिंह का कहना है कि घटना के बाद से पुलिस लगातार दोनों पर दबाव बनाए थी, जिसके चलते ही उनकी गिरफ्तारी हो सकी। इस मामले में इससे पहले चार लोग गिरफ्तार किए गए थे। गुजरात एटीएस ने ही 19 अक्टूबर को इस मामले के साजिशकर्ता राशिद पठान, मौलाना मोहसिन शेख व फैजान को पकड़ा था। वहीं, महाराष्ट्र के नागपुर में भी सैयद असीम अली को गिरफ्तार किया गया था। एसआइटी अली को मंगलवार को लखनऊ लेकर आई।

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Posted By: Sachin Mishra

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