अहमदाबाद, जागरण संवाददाता। Asaram News: साधक की नाबालिग पुत्री के साथ दुष्कर्म के मामले में जोधपुर जेल (Jodhpur Jail) में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम (Asaram) ने सूरत की एक अन्य साधिका के साथ दुष्कर्म के आरोपों को नकारते हुए कहा कि आश्रम से निकाल देने के कारण उन पर गलत आरोप लगाए गए। गांधीनगर जिला न्यायाधीश ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिए आसाराम के बयान दर्ज किए।

आसाराम की पत्नी और पुत्री के भी दर्ज होंगे बयान

गांधीनगर जिला अदालत के न्यायाधीश डीके सोनी की अदालत में आसाराम की वीडियो कांफ्रेंस के जरिए पेशी हुई। न्यायाधीश के समक्ष आसाराम ने अपने बयान दर्ज कराए, जिसमें उसने सूरत की साधिका के साथ दुष्कर्म के आरोपों को नकारते हुए कहा कि उसे एक आपराधिक साजिश के तहत फंसाने के लिए दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाया गया। सरकारी वकील आरसी कोडेकर व न्यायाधीश सोनी ने इस दौरान उनसे कई सवाल किए। इस मामले में आसाराम की पत्नी, पुत्री तथा चार करीबी साधकों के भी बयान दर्ज होंगे।

वकील ने कहा, आश्रम से निकाले गए साधनों ने झूठे आरोप लगाए

आसाराम के वकील चंद्रशेखर गुप्ता ने बताया कि आश्रम से निकाले गए कुछ साधकों ने उनके खिलाफ आपराधिक साजिश रचते हुए उन्हें दुष्कर्म के झूठे आरोप लगाए हैं। बचाव पक्ष का यह भी कहना है कि 2013 में प्राथमिकी के बाद पुलिस ने इस मामले में सच्चाई खोजने का प्रयास ही नहीं किया। जोधपुर की अदालत ने एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में 2018 में आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

साधिका की छोटी बहन ने आसाराम के बेटे नारायण सांई पर लगाया था शोषण का आरोप

सूरत (Surat) की एक साधिका ने शिकायत करते हुए बताया था कि वर्ष, 1997 से 2006 के बीच अहमदाबाद के मोटेरा आश्रम में आसाराम ने उसके साथ दुष्कर्म किया था, जबकि उसके छोटी बहन ने आसाराम के पुत्र नारायण सांई (Narayan Sai) पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। सूरत की अदालत ने नारायण सांई को इस मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है तथा वह सूरत की जेल में सजा काट रहा है।

आईपीएस लांबा ने आसाराम को किया था गिरफ्तार

राजस्थान (Rajasthan) के आईपीएस अजय लांबा ने आसाराम को मध्य प्रदेश के आश्रम में दबोचा था। कई घंटों तक आसाराम पुलिस को गच्चा देता रहा तथा पकडे़ जाने पर अधिकारी को धमकाते हुए कहा था कि अभी ऊपर से फोन आ जाएगा, तुम मुझे गिरफ्तार नहीं कर सकते। लांबा ने बाद में एक पुस्तक भी लिखी, जिसमें आसाराम के काले कारनामे व गिरफ्तारी के घटनाक्रम का जिक्र है। बताया जाता है कि आसाराम ने गिरफ्तारी के बाद भी लांबा को कई तरह के प्रलोभन देकर गिरफ्त से छूटने का प्रयास किया, लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो सका।

Edited By: Sachin Kumar Mishra