अहमदाबाद, राज्य ब्यूरो। दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सजा पाने के बाद जोधपुर की जेल में बंद आसाराम की बेटी भारती ने कहा है कि वह आसाराम के आश्रम व उनकी विरासत की उत्तराधिकारी नहीं है। उसने कहा कि उसकी हालत सैंडविच जैसी हो गई है। वह कई वर्षों से आसाराम व आश्रम से अलग अपनी जिंदगी बिता रही है। 

किशोरी से दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा पा चुके आसाराम के खिलाफ गांधीनगर की अदालत में भी दुष्कर्म के एक मामले की सुनवाई चल रही है। सुनवाई के दौरान भारती अपनी माता लक्ष्मीदेवी के साथ अदालत पहुंची थी। उसने बताया कि आश्रमवासी व अन्य लोग उसे आज भी आसाराम की उत्तराधिकारी समझते हैं। लेकिन खुद को आसाराम व आश्रम से पूरी तरह अलग बताते हुए उसने कहा कि अदालत के फैसले का वह सम्मान करती है और सजा को हाई कोर्ट में चुनौती देने के बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है।

भारती उत्तर गुजरात के एक शहर में अपनी मां के साथ रहती है। उसका भाई नारायण साईं भी दुष्कर्म के मामले में आरोपित है और सूरत की लाजपोर जेल में बंद है। सूरत की दो बहनों ने आसाराम व नारायण साईं के खिलाफ वर्ष 2013 में मामला दर्ज कराया था। आसाराम के खिलाफ मामला गांधीनगर की अदालत को स्थानांतरित किया गया, लेकिन नारायण साईं के खिलाफ सूरत की अदालत में मामला चल रहा है।

 

Posted By: Babita