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गुजरात में अमित शाह ने देश की पहली LNG ट्रेन को दिखाई हरी झंडी, अन्य रेलवे प्रोजेक्ट्स का भी किया शुभारंभ

Published: Sun, 27 Sep 2026 02:38 PM (IST)

अमित शाह ने गुजरात के साबरमती में देश की पहली एलएनजी ट्रेन को हरी झंडी दिखाई, जो पर्यावरण के अनुकूल हरित तकनीक को बढ़ावा देगी।

अमित शाह ने देश की पहली LNG ट्रेन को दिखाई हरी झंडी।

अमित शाह ने देश की पहली LNG ट्रेन को दिखाई हरी झंडी।

HighLights

  1. अमित शाह ने साबरमती में पहली एलएनजी ट्रेन रवाना की।

  2. 1542 करोड़ के रेलवे प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन-शिलान्यास हुआ।

  3. 'कवच' प्रणाली और WAG-12 शेड भी शामिल हैं।

डिजिटल डेस्क, अहमदाबाद। भारतीय रेलवे के इतिहास में रविवार का दिन एक नए और ऐतिहासिक युग की शुरुआत लेकर आया है। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुजरात के साबरमती में देश की पहली एलएनजी ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही उन्होंने साबरमती में 1542 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले कई रेलवे विकास प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।

क्या है देश की इस पहली एलएनजी ट्रेन की खासियत?

बता दें कि रेलवे में पर्यावरण के अनुकूल और हरित तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में यह एक बहुत बड़ा माना जा रहा है। यह एलएनजी-आधारित ट्रेन एक डीजल-एलएनजी डुअल-फ्यूल सिस्टम पर काम करती है।

साबरमती इंटीग्रेटेड कोचिंग डिपो में दो 1400 हॉर्सपावर (HP) के ड्राइविंग पावर कारों को इस तरह से बदला गया है कि वे डीजल और एलएनजी दोनों ईंधनों पर चल सकें। इस नई तकनीक से डीजल की खपत में करीब 40 प्रतिशत तक की कमी लाई जा सकती है। इससे न केवल ईंधन पर होने वाला खर्च बचेगा, बल्कि कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और अन्य हानिकारक कणों (पार्टिकुलेट मैटर) के उत्सर्जन में भी भारी कमी आएगी।

अन्य प्रमुख रेलवे प्रोजेक्ट्स के बारे में जानिए

अमित शाह द्वारा लॉन्च किए गए इस बड़े पैकेज का मुख्य फोकस रेलवे सुरक्षा, लाइन क्षमता और माल ढुलाई को बेहतर बनाना है। इसके तहत अहमदाबाद डिवीजन में 404 किलोमीटर के रेलवे नेटवर्क पर स्वदेशी 'कवच' ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम की नींव रखी गई है।

करीब 411 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना अहमदाबाद-पालनपुर खंड 157 किमी और अहमदाबाद-समाखियाली खंड 247 किमी को कवर करेगी। 'कवच' तकनीक ट्रेनों की आमने-सामने की टक्कर रोकने, ओवरस्पीडिंग से बचाने और मानवीय भूल के जोखिमों को कम करने के लिए डिजाइन की गई है।

ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम की शुरुआत

इसके अलावा साबरमती-कलोल-भंडू मोतिदाऊ और साबरमती-साणंद-जखवाड़ा के बीच 122.57 किलोमीटर के रेलवे सेक्शन पर लगभग 118.83 करोड़ रुपये की लागत से ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम शुरू किया गया है। इससे ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनी रहेगी और रूट की क्षमता में इजाफा होगा।

WAG-12 लोकोमोटिव मेंटेनेंस शेड का उद्घाटन

अमित शाह ने साबरमती में लगभग 700 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बने WAG-12 लोकोमोटिव मेंटेनेंस शेड का उद्घाटन किया है। यह अत्याधुनिक सुविधा 12000 HP क्षमता वाले 300 हाई-हॉर्सपावर इलेक्ट्रिक इंजनों का रखरखाव करेगी, जिनका उपयोग भारी और लंबी मालगाड़ियों को खींचने के लिए किया जाता है।

साबरमती-सरखेज रेलवे लाइन दोहरीकरण का भी जोर

इतना ही नहीं करीब 313.27 करोड़ रुपये की लागत वाली इस 21 किलोमीटर लंबी दोहरीकरण परियोजना को मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें साबरमती, गांधीग्राम, वस्त्रपुर और सरखेज जैसे स्टेशन शामिल हैं। इस प्रोजेक्ट से सरखेज-धोलाका क्षेत्र की तरफ रेल संपर्क बेहतर होगा और वहां औद्योगिक व व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।