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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 18, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गुजरात: अल्पेश ठाकोर और धवल सिंह झाला भाजपा में शामिल Gandhinagar News

By Sachin MishraEdited By:
Published: Thu, 18 Jul 2019 04:44 PM (IST)Updated: Thu, 18 Jul 2019 06:23 PM (IST)

Alpesh thakor join BJP. गुजरात में पूर्व कांग्रेस नेता अल्पेश ठाकोर और धवल सिंह झाला भाजपा में शामिल हो गए हैं।

गुजरात: अल्पेश ठाकोर और धवल सिंह झाला भाजपा में शामिल Gandhinagar News
गुजरात: अल्पेश ठाकोर और धवल सिंह झाला भाजपा में शामिल Gandhinagar News

गांधीनगर, जेएनएन। कांग्रेस से नाराज गुजरात के ओबीसी नेता व पूर्व विधायक अल्‍पेश ठाकोर ने भारत माता की जय, वंदे मातरम के नारा लगाते हुए वीरवार को भाजपा का दामन थाम लिया। सैकड़ों समर्थकों के साथ भाजपा कार्यालय पहुंचे अल्‍पेश ने यहां कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि पार्टी का राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष का पद दो माह से खाली है।

भाजपा के कार्यकारी राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा की गुजरात यात्रा से एक दिन पहले कांग्रेस के पूर्व विधायक व ठाकोर सेना के अध्‍यक्ष अल्‍पेश ठाकोर व पूर्व विधायक धवल सिंह झाला गुरुवार दोपहर प्रदेश भाजपा कार्यालय श्रीकमलम पहुंचे, जहां प्रदेश भाजपा अध्‍यक्ष जीतूभाई वाघाणी ने उन्‍हें केसरिया खेस पहनाकर पार्टी में शामिल किया। वाघाणी ने कहा कि भाजपा विचारधारा वाली पार्टी है,उसमें आने वाले भी उसी विचारधारा को अपना लेते हैं।

अल्‍पेश ने यहां भी कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि तमाम अटकलों का आज अंत आ गया है। कांग्रेस छोड़ने के कारण से सभी वाकिफ हैं। कांग्रेस गरीब व आदिवासी की सेवा करने की अपनी विचारधारा से भटक कर केवल स्‍वार्थ की राजनीति कर रही है। अल्‍पेश ने स्‍पष्‍ट कहा कि गरीब व सामान्‍य लोगों की सेवा करने के लिए सत्‍ता में होना आवश्‍यक है। उन्‍होंने कांग्रेस में रहकर भी गरीब व सामान्‍य लोगों के हित की बात की, लेकिन वहां सुनने वाला कोई नहीं है।

अल्‍पेश ने कहा देश व प्रदेश की जनता ने जिस नेतृत्व पर भरोसा किया, उन्‍होंने भी उसी को चुना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा अध्‍यक्ष व गृहमंत्री अमित शाह राष्‍ट्रवाद व देश के विकास की भावना से काम कर रहे हैं, देश को विकास की नई ऊंचाई पर ले जाने वाले हैं। कांग्रेस में कोई भविष्‍य नहीं है। रार्ष्‍टीय अध्‍यक्ष का पद दो माह से खाली पड़ा है।

गुजरात के मुख्‍यमंत्री विजय रूपाणी व गृह राज्‍यमंत्री प्रदीप सिंह जाडेजा सं‍वेदनशील हैं, गुजरात से संपूर्ण शराबबंदी व नशाबंदी के लिए वे जरूर उल्‍लेखनीय कार्य करेंगे, ऐसी ही आशा व अपेक्षा है।
-अल्‍पेश ठाकोर, पूर्व विधायक व ठाकोर समाज के नेता। 

गौरतलब है कि नशाबंदी आंदोलन चलाकर चर्चा में आए अल्‍पेश ठाकोर ने पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान ओबीसी एकता मंच का गठन कर पाटीदारों को ओबीसी वर्ग में शामिल करने का विरोध किया था। 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले अल्‍पेश कांग्रेस में शामिल हुए तथा उत्‍तर गुजरात की राधनपुर सीट से विधायक चुने गए। कांग्रेस के जिला व तहसील पदाधिकारियों की नियुक्ति को लेकर विवाद के चलते उन्‍होंने कांग्रेस से किनारा कर लिया तथा गत राज्‍यसभा चुनाव में मतदान के बाद अल्‍पेश व धवल सिंह ने विधानसभा की सदस्‍यता छोड़ दी थी।

भाजपा के चार विधायकों के लोकसभा सदस्‍य बनने से अब गुजरात विधानसभा की छह सीट खाली हो गई हैं। इन पर जल्‍द ही विधानसभा उपचुनाव कराएं जाएंगे, अल्‍पेश राधनपुर से तथा धवल सिंह के बायड से भाजपा प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरना तय है।

गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 से पहले अल्पेश ने कांग्रेस का हाथ थामा था। अल्पेश ने अभी कुछ दिन पहले ही कांग्रेस से इस्तीफा दिया था। अल्पेश ठाकोर गुजरात में पिछड़ा वर्ग के नेता हैं। इनकी छवि सामाजिक कार्यकर्ता की है। गुजरात में करीब 50 फीसद मतदाता पिछड़ा वर्ग से आते हैं। ऐसे में इस वर्ग के नेता किसी भी दल के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। 

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