विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

एक्सीडेंट का रूप देकर की थी भाई के दुश्मन की हत्या, 24 साल बाद अहमदाबाद से पकड़ा गया आरोपी

Published: Mon, 21 Sep 2026 07:12 AM (IST)

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 24 साल से फरार एक इनामी आरोपी दिनेश देसाई को वेजलपुर से गिरफ्तार किया है। यह ...और पढ़ें

24 साल बाद अहमदाबाद में पकड़ा गया राजस्थान का हत्यारा (फोटो-ANI)

24 साल बाद अहमदाबाद में पकड़ा गया राजस्थान का हत्यारा (फोटो-ANI)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, अहमदाबाद। अहमदाबाद सिटी क्राइम ब्रांच ने दो दशक से भी अधिक समय से चल रही तलाश को खत्म करते हुए एक वांछित और इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है।

पकड़ा गया आरोपी करीब 24 साल पहले राजस्थान में हुई एक सनसनीखेज हत्या के मामले में शामिल था, जिसे साजिश के तहत एक साधारण सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई थी।

पहचान छिपाकर रह रहा था आरोपी

गिरफ्तार आरोपी की पहचान 54 वर्षीय दिनेशभाई अमथाभाई अर्जनभाई देसाई के रूप में हुई है। वह मूल रूप से गुजरात के बनासकांठा जिले के उचारपी गांव का रहने वाला है और साल 2002 से पुलिस की पकड़ से फरार चल रहा था।

आरोपी फिलहाल अहमदाबाद के वेजलपुर में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था और संपत्ति ब्रोकर के रूप में काम कर रहा था। आरोपी पर राजस्थान पुलिस की ओर से इनाम भी घोषित किया गया था।

रंजिश में रची थी हत्या की साजिश

पुलिस के अनुसार, यह वारदात राजस्थान के पाली जिले के सादरी थाना क्षेत्र स्थित डुंगली गांव में दो भाइयों के बीच पुश्तैनी संपत्ति और व्यापार को लेकर चल रही कड़वी रंजिश का नतीजा थी। देलाराम नाई नाम के व्यक्ति की हत्या करने और उसे हिट-एंड-रन दुर्घटना दिखाने के लिए एक सोची-समझी आपराधिक साजिश रची गई।

दिनेश देसाई अपने सहयोगियों किशनसिंह राजपूत, रामजीभाई रबारी, खीमाराम उर्फ रमेश नाई और अन्य साथियों के साथ एक टाटा सूमो गाड़ी में पाली पहुंचा।

डुंगली बेरा तिलावा के पास जब देलाराम नाई अपनी मोटरसाइकिल से जा रहा था, तब आरोपियों ने तेज रफ्तार गाड़ी से उसकी मोटरसाइकिल में जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में देलाराम की मौके पर ही मौत हो गई।

साक्ष्य छिपाने और पुलिस को गुमराह करने की नीयत से आरोपी अपनी गाड़ी वहीं छोड़कर फरार हो गए, ताकि पुलिस इसे सामान्य सड़क हादसा समझे।

राजस्थान पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया जारी

हालांकि, पुलिस की गहन जांच और शुरुआती शिकायत के आधार पर यह साफ हो गया कि यह हादसा नहीं बल्कि सोची-समझी हत्या थी। इसके बाद सादरी थाने में हत्या और आपराधिक साजिश के तहत मामला दर्ज किया गया।

कानून से बचने के लिए देसाई पिछले 24 सालों से लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और मजदूरी कर अपनी पहचान छिपा रहा था।

सटीक खुफिया इनपुट और तकनीकी जांच के आधार पर अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने वेजलपुर स्थित उसके आवास पर दबिश देकर उसे दबोच लिया। आरोपी को सादरी पुलिस (राजस्थान) को सौंपने की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

(न्यूज एजेंसी ANI के इनपुट के साथ)