अहमदाबाद, जेएनएन। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के धुर विरोधी गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने पर कुछ विद्याथियों की आपत्ति के बाद एचके आर्ट्स कॉलेज का वार्षिकोत्सव रद कर दिया गया। समारोह के लिए सभाखंड की मंजूरी रद करने के ट्रस्ट के फैसले के विरोध में प्राचार्य हेमंत कुमार शाह भी इस्तीफा दे दिया।

उत्तर गुजरात की वडगाम सीट पर कांग्रेस के समर्थन से विधायक चुने गए जिग्नेश मेवाणी अहमदाबाद की एचके आर्ट्स कॉलेज के छात्र रहे हैं। विधायक चुने जाने व सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में पहचान कायम होने के चलते कॉलेज प्रशासन ने उन्हें सोमवार को होने वाले वार्षिकोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया था, लेकिन कॉलेज के विद्यार्थी परिषद समर्थक छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के समक्ष विरोध जताते हुए कहा कि मेवाणी कॉलेज के समारोह में आए तो हंगामा होगा तथा किसी भी कीमत पर यह समारोह होने नहीं देंगे। इसके बाद श्री हरिदास वल्लभदास कालीदास आर्ट्स कॉलेज के संचालक ट्रस्ट ब्रम्हचारी वाडी ने सभाखंड की मंजूरी रद कर दी। जिसके चलते कॉलेज प्रशासन को वार्षिकोत्सव रद करना पड़ा। रविवार देर शाम कॉलेज के प्राचार्य हेमंत शाह ने खुद इसकी जानकारी सोशल मीडिया के जरिए दी। शाह ने सोमवार को ट्रस्ट को एक पत्र लिखकर ट्रस्ट के फैसले को संविधान के विचार, वाणी व अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के विरुद्ध बताते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

शाह ने पत्र में लिखा है कि एक राजनीतिक संगठन के छात्र संगठन के दबाव में आकर ट्रस्ट ने अपना फैसला बदल लिया। शाह का आरोप है कि लोगों की विचार व अभिव्यक्ति की आजादी पर कुठाराघात किया जा रहा है ऐसे में ट्रस्ट की ओर से राजनीतिक माहौल का हवाला देकर सभाखंड के उपयोग की मंजूरी रद करना राजनीतिक दबाव में किया गया निर्णय है। उनका कहना है कि पहले भी कॉलेज के समारोह में राजनीतिक लोगों को आमंत्रित किया जाता रहा है। मेवाणी को बुलाना उनका फैसला था लेकिन कुछ छात्र उन्हें विवादास्पद, समाजवादी व विघटनकारी बताते हुए समारोह में बतौर अतिथि बुलाए जाने का विरोध कर रहे थे। शाह ने स्पष्ट कहा है कि उन्होंने कोई गलत फैसला नहीं किया, ट्रस्ट का फैसला संवैधानिक अधिकारों की हत्या करने के समान है। अधिकारों के बिना मनुष्य राज्य नामक महाराक्षस का स्क्रू बनकर रह जाएगा।

प्राचार्य शाह लिखते हैं कि स्वतंत्रता एक सबसे महान मूल्य है, जीवन के सभी मूल्यों व अधिकारों में यह सबसे ऊपर है। जिग्नेश मेवाणी को भी अपनी बात कहने का पूरा अधिकार है, इस तरह के अधिकार पर हमले के प्रयासों का सतत विरोध करता रहा हूं। ट्रस्ट ने समारोह की मंजूरी नहीं दी यह कॉलेज की परंपरा व प्रतिष्ठा को भी हानि पहुंचाने वाला है। ट्रस्टी बालक्रष्ण दोशी, पद्मश्री कुमार पाल देसाई, ज्ञापनीठ पुरस्कार विजेता साहित्यकार रघुवीर चौधरी के प्रति सम्मान दर्शाते हुए शाह ने अपने पद से त्याग पत्र दे दिया। उन्होंने नोबल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री फ्रेडिकर वॉन हायेक का कथन लिखते हुए बताया कि भय व लालच से बाहर निकलें, तभी स्वतंत्रता बनी रह सकती है। फ्रेंच साहित्यकार ज्यां पॉल का कथन मानव संस्थाओं का गुलाम बना है, साथ ही वे लिखते हैं कि मैं किसी व्यक्ति या संस्था का गुलाम नहीं बन सकता। ये पत्र लिखते हुए प्राचार्य ने कहा कि कॉलेज में स्वतंत्र तरीके से काम कर सकूं ऐसा नहीं लगता, 102 दिन कार्य करने के बाद 15 फरवरी को दोपहर 12 बजे बाद प्राचार्य के रूप में कोई काम नहीं करेंगे।

गुजरात की राजनीति में दक्षिण भारत की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन की एंट्री हो सकती है, मुस्लिम मतों के ध्रुवीकरण के लिए प्रदेश में नई राजनीतिक रणनीति की पहल हो रही है। रविवार को भाजपा समर्थक अल्पसंख्यक नेताओं ने एमआईएम के नेताओं को गुजरात लाने की योजना पर विचार किया। अल्पसंख्यक सामाजिक उत्थान के कार्यक्रम के तहत एआईएमआई के नेता असदुद्दीन औवेसी व अन्य नेताओं के गुजरात दौरे पर लाने की योजना है। गुजरात में फिलहाल मुस्लिम समर्थक कोई भी दल मौजूद नहीं है। मुस्लिम मत अधिकांश कांग्रेस को तथा कुछ मत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को मिलते रहे हैं लेकिन ओवैसी की पार्टी के आने से निश्चित तौर पर इन मतों का ध्रुवीकरण होगा, जिसका सीधा लाभ भाजपा को मिल सकता है।

एचके आर्ट्स कॉलेज के ट्रस्टी को भाजपा के गुंडों के धमकी भरे फोन के बाद वार्षिकोत्सव रद कर दिया गया, जिसमें मुझे मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। यहां मैं बाबा साहब अंबेडकर के जीवन व मिशन पर बोलने वाला था, नैतिक आधार पर इस्तीफा देने वाले प्राचार्य हेमंत शाह को सलाम।
-जिग्नेश मेवाणी, विधायक व सामाजिक कार्यकर्ता, गुजरात। 

Posted By: Babita

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