अहमदाबाद, जेएनएन। गुजरात के सूरत में एक पुलिस कांस्टेबल ने बहादुरी की मिसाल पेश की है। कांस्टेबल ने तापी नदी में डूब रही महिला और उसकी बच्ची को कूद कर उन्हें जिंदा बाहर निकाला। दोनों लोग सुरक्षित हैं। अब कांस्टेबल के बहादुरी की चारों तरफ चर्चा हो रही है। पुलिस आयुक्त ने कांस्टेबल का सम्मान किया है।

दरअसल पुलिस भवन में ट्रैफिक विभाग में कार्यरत पुलिस कांस्टेबल रामशीभाई रबारी मंगलवार सुबह सिंगणपोर की तरफजा रहे थे। इस दौरान कोझ वे पर लोगों की भीड़ देख वे रुक गये। उन्होंने देखा की तापी नदी में बच्ची और एक महिला डूब रही है। उन्होंने जरा भी देर किये बिना तुरंत ही तापी नदी में छलांगलगा दी और महिला और बच्ची को सही सलामत नदी में से बाहर निकाला। कांस्टेबल राबारी ने दोनों को नदी के किनारे पहुंचाया। उधर सूचना पाते ही दमकल विभाग का काफिला भी आ पहुंचा। महिला और बच्ची दोनों एक दम ठीक है। लोग कांस्टेबल की बहादुरी देख आश्चर्य चकित है।

 कांस्टेबल रामशीभाई रबारी ने बताया कि रातपाली की ड्यूटी पर थे और अपनी ड्यूटी खत्म कर घर जा रहे थे। तभी देखा कि कि तापी नदी पर बने कोझ वे पर कुछ लोगों की भीड़ जमी हुई है उन्होंने पास जाकर देखा कि तापी नदी में महिला और उसकी बच्ची डूब रहीं थी। रबारी ने बताया कि उन्होंने देर किये बिना ही नदी में छलांग लगा दी और दोनों को सुरक्षित नदी में से बाहर निकाला।

सूरत शहर पुलिस आयुक्त आर.बी. ब्रह्रभट्ट ने बताया कि लोगों की सुरक्षा करना पुलिस का काम है। लेकिन कांस्टेबल रबारी ने जिस तरह अपनी जान पर खेल महिला और उसकी बच्ची को बचाया वह काबिले तारिफ है। कांस्टेबल रामशीभाई रबारी को बहादुरी एक मिसाल है। पुलिस आयुक्त ने बताया कि बहादुर कांस्टेबल को बहादुरी पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया है। उन्होंने राज्य सरकार से भी कांस्टेबल रामशीभाई को बहादुरी पुरस्कार देने का अनुरोध किया है। 

 

Posted By: Babita kashyap

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