अहमदाबाद, जेएनएन। मध्य गुजरात में भारी बरसात के चलते विश्वामित्री नदी का पानी वडोदरा में घुस आया और शहर टापू बन गया। नदी से कई मगरमच्‍छ भी शहर में घुस गए। वहीं, दीवार गिरने से 4 की मौत हो गई तथा पांच हजार लोगों से घर खाली कराए गए हैं। वडोदरा में बृहस्पतिवार को एक दिन में रिकॉर्ड 499 मिमी बारिश के बाद शुक्रवार को भी आम जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। वडोदरा में वर्षा के बाद अजीता नगर समेत कई क्षेत्रों में बारिश का पानी भर गया है। 

पुणे से एनडीआरएफ की 5 टीम एयरलिफ्ट की जाएंगी। प्रधानमंत्री कार्यालय भी राज्य के साथ संपर्क में है।बीते चौबीस घंटे में वडोदरा में 20 इंच से अधिक बारिश हो चुकी है, बीती रात छह घंटे में 17 इंच बरसात गिरने से शहर टापू बन गया और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। शहर का हवाई मार्ग, रेल व बस यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पंचमहाल के हालोल व कालोल इलाकों में भारी बरसात होने से आजवा डैम ओवर फ़्लो हो गया, जिससे विश्वामित्री नदी भी उफनकर वडोदरा में बहने लगी। नदी के पानी के साथ मगरमच्छ भी शहर में घुस आए, वन विभाग की टीमों ने अब तक तीन मगरमच्छ को पकड़ा है।

मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने बुधवार देर रात्रि स्‍टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर पर एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई तथा हालात का जायजा लिया। वडोदरा व आसपास के इलाकों में एनडीआरएफ की 4 टीम, एसडीआरएफ की 4 टीम, सेना व एसआरपी, पुलिस व फायर ब्रिगेड की टीमें भी कार्यरत हैं। इसके अलावा सूरत से भी फायर ब्रिगेड की टीमें बुलाई गई है, पुणे से एनडीआरएफ की 5 टीमें एयरलिफ्ट की जाएंगी। 

शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव मुकेश पुरी ने बताया कि बाढ़ व भारी बरसात के चलते एक दीवार ढह जाने से 4 की मौत हो गई, जबकि पांच हजार लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। करीब 1500 लोगों को शिविर में रखा गया है। सरकार ने 75 हजार फूड पैकेट तैयार कराए हैं। वहीं, वडोदरा में मगरमच्‍छ को पकडने व निगरानी के लिए वन विभाग व एनजीओ की मदद ली जा रही है। ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव पंकज जोशी ने बताया कि शहर में पानी भर जाने से 304 में से करीब 48 फीडर बंद किए गए हैं, पानी उतरने के बाद ही ये चालू होंगे।

वडोदरा की जिलाधिकारी श‍ालिनी अग्रवाल ने कहा कि विश्‍वामित्री नदी का पानी नीचे जा रहा है। शहर का भी नीचे जा रहा है। वाहनों के आवागमन के लिए पुल खोल दिए गए हैं। शहर की विद्युत और पानी आपूर्ति बहाल की जा रही है।   

उन्‍होंने कहा कि शहर की स्‍वास्‍थ्‍य और सफाई व्‍यवस्‍था पर ध्‍यान दिया जा रहा है। दीवार गिरने से चार लोगों की मौत हो गई, वहीं दो लोगों की मौत बारिश के कारण हुई। मगरमच्‍छ से बचाव से 13 टीमों को लगाया गया है। आज चार लोगों को बचाया गया है और कल दो लोगों को बचाया गया था।  

 

उधर तीन राज्यमार्ग सहित 50 से अधिक ग्राम पंचायतों के परिवहन मार्ग भी बंद किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग लोगों को क्‍लोरीन व ओआरएस का वितरण कर रहा है। विश्वामित्री नदी में अभी भी 34 फीट से अधिक का जलस्‍तर बना हुआ है, मौसम विभाग के निदेशक जयंत सरकार ने बताया कि बीते तीन दशक में वडोदरा में यह रिकॉर्ड वर्षा हुई। वहीं, गुजरात के कई शहरों में आगामी तीन दिन तक भारी बारिश की आशंका है।

हेल्‍प लाइन नंबर जारी 
वड़ोदरा में भारी बारिश के चलते जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। गुजरात सरकार ने आपातकालीन हालात से निपटने के लिए 24 घंटे इमरजेंसी कंट्रोल रूम शुरू किया है। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 1800233-02330265,0265-243101 और 02652426101 जारी किया है। इन नंबरों पर फोन करके मदद मांगी जा सकती है। मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने समीक्षा बैठक के बाद स्थानीय प्रशासन को मार्गदर्शन देने के लिए दो आईएएस अधिकारी विनोद राव और लोचन शहेरा को तत्काल वडोदरा भेज दिया है। एनडीआरएफ की तीन टीम भी वडोदरा पहुंच गयी है। मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने बताया कि दो आइएएस अधिकारी वडोदरा पहुंच गए है। लोगों से लगातार प्रशासन के संपर्क में रहने की अपील की गयी है। गांधीनगर से भी उच्च अधिकारी लागातर स्थिति पर नजर रख रहे है।

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Posted By: Babita kashyap

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