मॉस्को, एएफपी। टूर्नामेंट की कमजोर टीमों में शामिल रूस और सऊदी अरब की टीम फुटबॉल के सबसे बड़े टूर्नामेंट फीफा विश्व कप के 21वें संस्करण के उद्घाटन मुकाबले में गुरुवार को आमने-सामने होंगी तो दोनों की कोशिश जीत से आगाज करना होगा।

फीफा रैंकिंग में क्रमश: 70वें एवं 67वें पायदान पर मौजूद दो टीमों के बीच मुकाबला रोचक होने की पूरी उम्मीद है। दोनों टीमें खिताब जीतने के दावेदार में शामिल नहीं है, लेकिन रूस अपने समर्थकों की मौजूदगी में जीत के साथ टूर्नामेंट की सकारात्मक शुरुआत करना चाहेगा। सऊदी अरब पहली एशियन टीम है जो विश्व कप के शुरुआती मुकाबले में हिस्सा लेगी। रोचक बात है कि विश्व कप के इतिहास में उद्घाटन मुकाबला अभी तक कोई भी मेजबान देश नहीं हारा है। 

रूस का प्रदर्शन खराब : पिछले दो वर्षो में रूस का प्रदर्शन काफी खराब रहा है। 2016 यूरोपीय चैंपियनशिप के बाद से मेजबान टीम ने कुल 19 मैच खेले हैं और केवल छह में जीत दर्ज की है। रूसी टीम अक्टूबर 2017 के बाद से एक भी मैच जीतने में कामयाब नहीं हो पाई है जो टीम की मौजूदा स्थिति को दर्शाती है।

इन पर नजर : रूस की टीम में कप्तान और गोलकीपर इगोर अकीनफीव (105 मैच) और 38 वर्षीय डिफेंडर सर्गेई इगनाशेविच (121 मैच) सबसे अनुभवी खिलाड़ी हैं। टीम के अटैक की जिम्मेदारी स्ट्राइकर फेडर स्मोलोव पर होगी जबकि सऊदी अरब की टीम में ओस्मा हावसावी हैं जो अब तक 135 मैच खेल चुके हैं। उनके अलावा मिडफील्डर तैसीर अल-जासिम के नाम पर 132 मैच दर्ज हैं। सऊदी टीम में भी कोई बड़ा सितारा नहीं है, लेकिन मिडफील्ड की जान यहया अल-शेहरी पर सबकी निगाहें टिकी होंगी। 

पिज्जी के लिए चुनौती : मौजूदा कोच जुआन एंटोनी पिज्जी के लिए सऊदी अरब को नॉकआउट स्तर तक पहुंचाना एक बड़ी चुनौती होगी। सऊदी अरब के लिए पिछले कुछ साल अच्छे नहीं रहे हैं। विश्व कप में भाग लेने से पहले पिछले एक साल में टीम तीन कोच बदल चुकी है। जर्मनी में हुए 2006 विश्व कप के बाद पहली बार इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही सऊदी अरब की सबसे बड़ी ताकत टीम में मौजूद खिलाडिय़ों की एकजुटता है। टीम के अधिकतर खिलाड़ी सऊदी प्रीमियर लीग में खेलते हैं और उनके बीच अच्छा तालमेल है। सऊदी अरब में अनुभव की भी कमी है जो मेजबान टीम के खिलाफ उसकी सबसे बड़ी कमजोरी साबित हो सकती है जिसने निपटना कोच पिज्जी के लिए भी बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।

टीमों की रचना : रूसी कोच स्टानिसलाव चेरसेसोव इस टीम को अच्छे से जानते हैं क्योंकि वह भी रूस के पूर्व गोलकीपर रह चुके हैं। उन्हें दो विश्व कप (1994 और 2002) में खेलने का अनुभव है और टीम को किस रणनीति में खिलाना है, इससे वह अच्छे से वाकिफ है। वह टीम को 3-5-2 की रचना से खिला सकते हैं। जबकि 49 वर्षीय पिज्जी की कोशिश 4-3-3 की रचना से टीम को मैदान पर उतारने की रहेगी। 

दोनों टीमों के पास : रूसी के फॉरवर्ड की भी अहम भूमिका रहेगी और मेजबान टीम को दर्शकों का भी पूरा सहयोग मिलेगा। वह ज्यादा से गोल मारने की कोशिश करेंगे। रूसी टीम आक्रामक होकर खेलेगी जबकि विपक्षी टीम डिफेंस को मजबूत करना चाहेगी। रूस की टीम को छोटे-छोटे पास पर खेलना अच्छा लगता है जबकि सऊदी अरब को लंबे शॉट मारने से बचना होगा। 

रूस टीम : 

गोलकीपर : इगोर अकीनफीव, व्लादिमीर गैबुलोव, एंड्री ल्यूनेव

डिफेंडर : व्लादिमीर ग्रेनाट, रुस्लान कंबोलोव, फेडर कुद्रीशोव, इल्या कुटेपोव, आंद्रे सेम्योनोव, इगोर स्मोलनिकोव, सर्गेई इगनाशेविच

मिडफील्डर : युरी गाजिंस्की, एलेक्जेंडर गोलोविन, एलन ड्झागोव, युरी झिर्कोव, रोमन जोबिन, डालेर कुच्येव, एंटोन मिरंचुक, एलेक्जेंडर सामेडोव, एलेक्जेंडर ताश एवं डेनिस चेरीशेव

फॉरवर्ड : अर्टयोम डच्युबा, एलेक्सी मिरांचुक, फेडर स्मोलोव

कोच : स्टानिसलाव चेरसेसोव

सऊदी अरब टीम :

गोलकीपर : मुहम्मद अल-ओवेस, यासेर अल-मुसेलम, अबदुल्ला अल-मयूफ

डिफेंडर : मंसूर अल-हर्बी, यासेर अल-शाहरानी, मुहम्मद अल-ब्रेइक, ओस्मा हावसावी, अली अल-बुलाही

मिडफील्डर : अबदुल्ला अल-खेबारी, अब्दुलमालेक अल-खैबरी, अबदुल्ला ओतायेफ, तैसीर अल-जासिम, हुसैन अल मोघावी, सलमान अल-फराज, मुहम्मद कन्नो, हत्तन बाहेबरी, सालेम अल-दवसारी, यहया अल-शेहरी

फॉरवर्ड : फहाद अल-मुवालाद, मुहम्मद अल-साहलावी, मुहम्मद असीरी

नंबर गेम :

- 1966 विश्व कप में रूस की टीम सेमीफाइनल का मुकाबला खेलकर बाहर हो गई थी। यह उसका अभी तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है 

- 1994 विश्व कप खेलने वाली सऊदी अरब की टीम अंतिम-16 दौर तक ही पहुंच पाई थी। इसके बाद वह आगे का सफर तय नहीं कर पाई

-1993 में रूस और सऊदी अरब के बीच खेले गए मैच को सऊदी ने 4-3 से अपने नाम किया था। दोनों देशों के बीच अब तक खेला गया यह एकमात्र मैच है।

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Posted By: Sanjay Savern