पेरिस, आइएएनएस। पेरिस सेंट जर्मेन (पीएसजी) के स्ट्राइकर नेमार ने कहा है कि वह अल्वारो गोंजालेज का जवाब दिए बिना मैदान नहीं छोड़ सकते क्योंकि मैच अधिकारियों ने मार्सिले के डिफेंडर के खिलाफ लगे नस्लवादी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। नेमार उन पांच खिलाड़ियों में से थे जिन्हें रविवार को मार्सिले के खिलाफ खेले गए मैच में बाहर कर दिया।

मार्सिले ने रविवार को पीएसजी को 1-0 से हरा दिया और यह मैच अपने आक्रामक खेल के लिए जाना जाएगा। ब्राजील के इस खिलाड़ी ने गोंजालेज को इंजुरी टाइम में थप्पड़ मार दिया था, जिन पर नस्लवाद के आरोप थे। नेमार ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में लिखा कि उन्होंने एक बेवकूफ की तरह व्यवहार किया, लेकिन साथ ही कहा कि जो लोग सत्ता में हैं वे खेल में नस्लवाद के मुद्दे पर ध्यान दें। नस्लवाद है और हमें उसे रोकना होगा।

उन्होंने लिखा, 'मैंने रविवार को विद्रोह किया। मुझे सजा मिली क्योंकि मैं उस इंसान को मारना चाहता था जिन्होंने मुझे नीचा दिखाया। मुझे लगा कि मुझे कुछ करके जाना चाहिए क्योंकि मुझे अहसास हुआ कि जो लोग सत्ता में हैं वे कुछ नहीं करेंगे, उन्होंने नोटिस नहीं किया, सच्चाई से मुंह मोड़ा। इस मैच में मैं हमेशा की तरह जवाब देना चाहता था, फुटबॉल खेलना चाहता था। सच्चाई यह है कि मैं सफल नहीं हुआ, मैंने विद्रोह किया।'

उन्होंने कहा, 'हमारे खेल में, आक्रामकता, बेइज्जती, कसमें खाना खेल का हिस्सा हैं। मैं उस इंसान को थोड़ा बहुत जानता हूं, लेकिन नस्लवाद और असहिष्णुता मानने योग्य नहीं है। मैं अश्वेत हूं, अश्वेत का बेटा हूं, पोता हूं। मुझे इस पर गर्व है और मैं अपने आप को किसी से अलग नहीं देखता हूं। रविवार को मैं चाहता था कि जो लोग मैच के जिम्मेदार थे वे कोई रुख नहीं अपनाते। क्या मुझे नजरअंदाज करना चाहिए था? मुझे अभी तक नहीं पता। अब ठंडे दिमाग से, कहता हूं कि हां, लेकिन उस समय मेरे साथियों और मैंने रेफरी से मदद मांगी, लेकिन हमारी बात को नजरअंदाज कर दिया गया।'

वहीं, पीएसजी क्लब ने नेमार का समर्थन करते हुए कहा कि उनके खिलाफ मार्सिले के खिलाड़ी ने नस्लवाद की टिप्पणी की थी और इस क्लब ने फ्रेंच लीग के शासी निकास से इस मामले की जांच करने का अनुरोध भी किया।

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