नई दिल्ली, अनादि बरुआ। फीफा विश्व कप का रोमांच सेमीफाइनल में दस्तक दे चुका है। कई बड़ी टीमों के शुरुआती दौर से बाहर होने के साथ ही फुटबॉल पंडितों की अटकलें धरी की धरी रह गईं हैं। हालांकि एक बात तो तय है कि इस बार भी विश्व कप का ताज किसी यूरोपीय टीम के सिर ही सजेगा जिसकी सबसे प्रबल दावेदार इंग्लैंड की टीम नजर आ रही है। समारा एरीना में खेले गए तीसरे क्वार्टर फाइनल में गेरेथ साउथगेट की युवा इंग्लिश टीम ने स्वीडन को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया और अपने दूसरे विश्व खिताब की ओर एक और कदम बढ़ाया। पिछले साल इंग्लैंड की टीम ने अंडर-17 और अंडर-21 फीफा विश्व कप जीता था और अब उसी क्रम को इंग्लैंड की टीम रूस विश्व कप में भी आगे बढ़ाना चाहती है। 

 मैग्यूरो ने ताड़ा मौका : पहले हाफ के शुरुआत में दोनों टीमें गेंद पर कब्जा जताने में ही भागती नजर आईं। गेंद पर पकड़ बनाने के चक्कर में दोनों टीमों के खिलाड़ी गोल के मौके तैयार नहीं कर पा रहे थे। 19वें मिनट में इंग्लैंड ने गोल करने का एक अच्छा मौका तैयार किया। स्टर्लिंग ने डी के ठीक बाहर कैप्टन केन को गेंद दी लेकिन वह गेंद को स्वीडिश गोल के ऊपर मार बैठे। हालांकि जल्द ही वह वक्त आया जब इंग्लैंड के खेमे में जश्न शुरू हो गया। 30वें मिनट में इंग्लैंड के मिडफील्डर यंग ने फ्री किक ली जिस पर उनके साथी डिफेंडर मैग्यूरो ने हेडर के जरिये गोल दागा। अब तक सेट पीसेस से ज्यादातर गोल करते आई इंग्लैंड की टीम ने उस क्रम को इस मुकाबले में भी जारी रखा। इंग्लैंड के मैग्यूरे ने स्वीडन के डिफेंडरों के झुंड के ऊपर उछलते हुए हेडर लगाया जिसे स्वीडिश गोलकीपर ओल्सन बस देखते ही रह गए। पहला हाफ खत्म होने के दो मिनट पर इंग्लैंड की बढ़त दोगुनी हो सकती थी। स्टर्लिंग को ट्रिपयर ने गेंद सौंपी लेकिन इस आसान मौके को स्वीडन के गोलकीपर ओल्सन और डिफेंडर लिंटेलोफ ने जैसे-तैसे टाल दिया। हालांकि रिप्ले में देखने के बाद पता चला कि स्टर्लिंग ऑफसाइड थे। इसके अगले ही मिनट में स्टर्लिंग को एक और मौका मिला लेकिन इस बार भी वह गेंद को सही दिशा में किक नहीं कर पाए। हाफ टाइम समाप्त हुआ और इंग्लैंड ने स्वीडन पर 1-0 की बढ़त बनाए रखी। 

वापसी की कोशिश : जब दूसरा हाफ शुरू हुआ तो स्वीडन के दिमाग में एक बात स्पष्ट थी कि वह पहले हाफ जैसे खेल की बदौलत सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सकता था। उसे शुरुआत से आक्रमण करना था और इसकी शुरुआत 47वें मिनट में हुई। इंग्लैंड के डिफेंडर यंग के पीछे से आकर स्वीडन के स्ट्राइकर बर्ग ने हेडर लगाया लेकिन इंग्लिश गोलकीपर पिकफोर्ड ने एक बार फिर शानदार बचाव करके स्वीडन की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। पिकफोर्ड ने पिछले मुकाबले में कई अहम बचाव करके इंग्लैंड को क्वार्टर फाइनल में पहुंचाया था। दूसरे हाफ के शुरुआती कुछ मिनटों तक स्वीडन ने गेंद को अपने कब्जे में बनाए रखा और गोल के कुछ मौके भी बनाए लेकिन यह दिन इंग्लैंड का था। 

डेले ने सकते में डाला : स्वीडन की टीम लगातार बराबरी पर आने की कोशिश कर रही थी कि इसी बीच इंग्लिश मिडफील्डर डेले अली ने स्वीडन को दोहरा झटका दे दिया। 58वें मिनट में लिंगार्ड के क्रॉस पर डेले ने हेडर के जरिये गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचाया और इंग्लैंड को 2-0 से आगे कर दिया। हालांकि एक बार फिर स्वीडन ने आक्रमण शुरू कर दिया। 62वें मिनट में पिकफोर्ड ने एक और बेहतरीन बचाव करके स्वीडन की वापसी की उम्मीदों को झटका दिया। निर्धारित समय समाप्त होने के एक मिनट पहले स्वीडन को इंग्लैंड के डी के ठीक बाहर एक फ्री किक मिली लेकिन यह एक मौका भी इंग्लैंड को गोल पोस्ट के काफी ऊपर से निकल गया और स्वीडन की हार यही सुनिश्चित हो गई।  

यूरोप में जाएगी ट्रॉफी : अब तक हुए 20 विश्व कप में से 11 यूरोपीय टीमों ने जीता है जबकि दक्षिण अमेरिकी टीमों के खाते में नौ खिताब हैं। पिछली बार जर्मनी के रूप में एक यूरोपीय टीम ने ही विश्व कप जीता था। 2002 में ब्राजील की टीम आखिरी दक्षिण अमेरिकी टीम थी जिसने विश्व कप जीता था। यूरोप की ओर से जर्मनी ने चार और दक्षिण अमेरिका की ओर से ब्राजील ने पांच विश्व कप जीते थे।

नंबर गेम-

-1990 के बाद पहली बार विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंची है इंग्लैंड की टीम

-01 बार इंग्लैंड को स्वीडन के खिलाफ विश्व कप में जीत हासिल हुई। अब तक इंग्लैंड और स्वीडन के बीच खेले गए सभी चारों मुकाबले ड्रॉ रहे थे

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Posted By: Sanjay Savern