नई दिल्ली, पीटीआइ। भारत में क्रिकेट में जहां इंडियन प्रीमियर लीग यानी आइपीएल फेमस है। ऐसे ही फुटबॉल में इंडियन सुपर लीग (ISL) और आइ-लीग फेमस है। इसी बीच खबर आ रही है कि आइएसएल अब आइ-लीग को पछाड़कर देश का शीर्ष लीग बन जाएगी। भारतीय फुटबॉल की घरेलू संरचना में सुधार के लिए एशियन फुटबॉल कंफेडरेशन (एएफसी) ने जो प्रस्ताव पेश किया है उसमें आइ-लीग की जगह आइएसएल को शीर्ष घरेलू लीग बनाना शामिल है। इसको लेकर बड़े कदम उठा लिए गए हैं।

ISL को विशाल बनाने का खाका हो गया तैयार

इसका खाका सोमवार को कुआलालंपुर में एएफसी मुख्यालय में आइएसएल और आइ-लीग के अधिकारियों के साथ एएफसी और अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआइएफएफ) की बैठक में तैयार हुआ। आइएसएल का आगामी सत्र कोच्चि में 20 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। ऐसे में यह लीग के लिए खुशखबरी है। अब तक देश का शीर्ष लीग रहा आइ-लीग अब दूसरे स्तर का लीग होगा। हालांकि, आइएसएल में 2023-24 के सत्र तक प्रमोशन और रेलीगेशन नहीं होगा।

भारत में अब ये लीग नहीं होंगी

2024-25 के सत्र से प्रदर्शन के आधार पर प्रमोशन और रेलीगेशन होगा लेकिन दो एक जैसी लीगों का आयोजन नहीं होगा। इसके मुताबिक आइएसएल की विजेता टीम को एएफसी चैंपियंस लीग के प्लेऑफ में खेलने का मौका मिलेगा जबकि आइ-लीग की विजेता टीम एएफसी कप में भाग लेगी। एएफसी ने इसके साथ ही 2020-21 सत्र में आइ-लीग की दो टीमों को आइएसएल में शामिल करने की सिफारिश की है।

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आपको बता दें, भारत में क्रिकेट के अलावा बहुत कम ऐसे खेल हैं, जिनसे लोगों का लगाव है। क्रिकेट के वनडे और टी20 मैच के लिए स्टेडियम में जगह नहीं मिलती, लेकिन फुटबॉल और हॉकी के मैचों के लिए दर्शकों के आने के लिए गुहार लगाई जाती है। ऐसे में फुटबॉल को बढ़ावा देने के लिए सुपर लीग की शुरुआत हुई थी। 

Posted By: Vikash Gaur

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