नई दिल्ली, जेएनएन। क्रिस्टियानो रोनाल्डो, लुका मॉड्रिक और मुहम्मद सलाह को फीफा के सर्वश्रेष्ठ पुरुष खिलाड़ी के अवॉर्ड के लिए नामांकित किया गया है। इसकी घोषणा फुटबॉल की प्रमुख संस्था फीफा ने की है। पिछले दो वर्षो से इस अवॉर्ड को जीतने वाले रोनाल्डो ने जुवेंटस में जाने से पहले रीयल मैडिड को लगातार तीसरी बार चैंपियंस लीग का खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।

वहीं रीयल को यूरोपीय चैंपियन बनाने में उसके मिडफील्डर मॉड्रिक की भी अहम भूमिका रही जिन्होंने अपनी देखरेख में क्रोएशिया को विश्व कप के फाइनल में पहुंचाया था। उन्हें विश्व कप 2018 का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी चुना गया था। मिस्न के स्ट्राइकर सलाह ने पिछले सत्र में लिवरपूल के लिए 44 गोल किए और अपने क्लब को चैंपियंस लीग के फाइनल तक ले जाने में मदद की। 

उधर फ्रांस के विश्व कप विजेता टीम के कप्तान हुगो लॉरिस को विश्व कप के गोल्डन ग्लोब्स अवॉर्ड के विजेता रहे थिबॉट कॉटरेइस और कास्पर स्माइकल के साथ सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर के लिए नामांकित किया गया है। फीफा के साल के सर्वश्रेष्ठ कोच के लिए रीयल मैडिड के पूर्व मैनेजर जिनेदिन जिदान, फ्रांस के दिदिएर डेसचैंप्स और क्रोएशिया के ज्लाटको डालिक के नामों का चयन किया है।

फीफा की साल की सर्वश्रेष्ठ महिला फुटबॉलर की होड़ में ओलंपिक ल्योन क्लब की EOF हेजरबर्ग और जेनिफर मारोजान शामिल हैं जिनके क्लब ने सत्र में अविजित रहते हुए महिला चैंपियंस लीग का खिताब जीता था। इसके अलावा ब्राजील की महिला फुटबॉलर मार्टा भी इस अवॉर्ड की दावेदार होंगी। 24 सितंबर को अवॉर्ड समारोह लंदन में आयोजित किया जाएगा।

सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर के लिए लॉरिस, कॉटरेइस और कास्पर में मुकाबला

सर्वश्रेष्ठ कोच की होड़ में जिदान, डेसचैंप्स और डालिकऑर्थर परेरा का निधन1सोमवार को भारत और महाराष्ट्र के पूर्व फुटबॉलर ऑर्थर परेरा का निधन हो गया। वह 70 वर्ष के थे और पिछले एक साल से कैंसर जैसी घातक बीमारी से लड़ रहे थे। पिछले कुछ दिनों से वह वेंटिलेटर पर थे और उन्होंने बोरिवली के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। अब उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां हैं।

स्ट्राइकर के रूप में खेलने वाले परेरा 1971 में रूस दौरे पर गई भारतीय टीम का भी हिस्सा थे। उन्होंने संतोष ट्रॉफी में 1971 से 1976 तक महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व किया था। इसके अलावा परेरा कई नामी क्लबों के साथ भी खेले जिनमें ओर्के मिल्स भी शामिल रहा। खेल को अलविदा कहने के बाद वह वह सेंट जोसेफ स्कूल में शारीरिक शिक्षक बने।

Posted By: Lakshya Sharma