नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर ओमिक्रोन को लेकर एनडीटीवी की खबर का एक स्क्रीनशाट तेजी से शेयर किया जा रहा है। जिसमें दावा किया जा रहा है कि फार्म चिकन खाने से ओमिक्रोन फैल रहा है और तेलंगाना सरकार ने पोल्ट्री फार्म्स को संक्रमित एरिया घोषित कर दिया है। दैनिक जागरण की फैक्ट चेकिंग वेबसाइट विश्वास न्यूज की पड़ताल में ये दावा गलत साबित हुआ है। वायरल स्क्रीनशाट को कम्प्यूटर के जरिए एडिट कर बनाया गया है। चिकन खाने से ओमिक्रोन फैल रहा है ऐसी पुष्टि करने वाला कोई वैज्ञानिक प्रमाण सामने नहीं आया है। तेलंगाना सरकार ने ओमिक्रोन और पोल्ट्री फॉर्म को लेकर ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है। चिकन खाने से ओमिक्रोन होने का दावा झूठा है।

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए विश्वास न्यूज ने गूगल पर कुछ कीवर्ड्स के जरिए सर्च किया। इस दौरान एनडीटीवी की असली रिपोर्ट 8 मई 2021 को वेबसाइट पर प्रकाशित मिली। असली रिपोर्ट में पंजाब के लुधियाना के एक पोल्ट्री फार्म को संक्रमित क्षेत्र घोषित करने का जिक्र किया गया है। हालांकि, इसके पीछे का कारण ओमिक्रोन नहीं, बल्कि बर्ड फ्लू है। रिपोर्ट के मुताबिक, लुधियाना के एक पोल्ट्री फार्म के सैंपल बर्ड फ्लू के टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए। जिसके बाद इसे संक्रमित क्षेत्र घोषित कर दिया गया। लुधियाना की इसी खबर के स्क्रीनशाट को मॉर्फ्ड कर ब्लैक फंगस से जोड़ वायरल किया जा रहा है।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए विश्वास न्यूज ने यह जानना चाहा कि क्या तेलंगाना सरकार ने ओमिक्रोन और फार्म चिकन को लेकर कोई आदेश जारी किया है या नहीं। हमें ऐसी कोई प्रामाणिक रिपोर्ट नहीं मिली, जो इस वायरल दावे की पुष्टि करती हो। फरवरी 2020 में जब फार्म चिकन से फैले कोरोना वायरस के बारे में इसी तरह की अफवाह सोशल मीडिया पर वायरल हुई, तो ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कारपोरेशन ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया कि भारत में किसी भी पक्षी के कोरोना वायरस के संक्रमित होने का एक भी मामला नहीं पाया गया।

विश्वास न्यूज ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की वेबसाइट पर जाकर भी इस बारे में सर्च किया। यहां पर भी ओमिक्रोन को लेकर ऐसी कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अपनी वेबसाइट पर कहा है कि मांस उत्पादों को अगर अच्छी तरह से पकाया जाए तो उनका सुरक्षित रूप से सेवन किया जा सकता है।

अधिक जानकारी के लिए विश्वास न्यूज ने एम्स के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नीरज निश्चल से संपर्क किया। उन्होंने विश्वास न्यूज को बताया कि वायरल दावा गलत है। चिकन खाने से ओमिक्रोन या फिर कोरोना का कोई दूसरा वेरिएंट नहीं होता है। अभी तक ऐसी पुष्टि करने वाला कोई वैज्ञानिक प्रमाण सामने नहीं आया है। हम लोगों को हमेशा ये बोलते हैं कि खाने को अच्छे से पका कर खाना चाहिए, क्योंकि अच्छे से पके हुए खाने से कोई वायरस नहीं फैलता है। इस तरह के दावे पूरी तरह से गलत है।

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Edited By: Amit Singh