शो का नाम : परछाई ( रस्किन बॉन्ड की घोस्ट स्टोरीज पर आधारित)

कलाकार : दलीप  ताहिल, फरीदा जलाल, माही विज

वेब चैनल : जी 5

निर्देशक : वीके प्रकाश

रेटिंग : 4

अनुप्रिया वर्मा, मुंबई. लीजेंडरी लेखक रस्किन बॉन्ड ने हमेशा ही यह बात दोहरायी है कि उनकी लेखनी का एक अहम हिस्सा उनकी घोस्ट स्टोरीज यानि भूतों की कहानियां भी रही हैं. उन्होंने अपने मसूरी निवास में रहते हुए ऐसी कई कहानियां लिखी हैं. चूंकि उनका विश्वास रहा है कि भूत उन्हें नुकसान पहुंचाने नहीं आते हैं, और हमें उनसे डरना नहीं चाहिए चूंकि वह हमारी तरह नहीं होते हैं.

रस्किन की कहानियों में आप उनके उसी नजरिये को देखेंगे, जिसमें उनका मानना है कि भूत उनकी जगहों पर जाते हैं, जहां से उनका कोई पुराना वास्ता होता है और फिर उसे हांटेड करार दिया जाता है. जी 5 पर रस्किन की उन्हीं लोकप्रिय घोस्ट कहानियों को अलग तरह की सीरिज में प्रस्तुत करने की कोशिश की गयी है. उनकी 12 कहानियों को जी 5 पर सीरिज के रूप में दिखाया जा रहा है. फिलहाल द घोस्ट इन द गार्डन और द विंड ऑन द हांटेड हिल लाइव है. जो रस्किन की कहानियों के फैन रहे हैं और उनकी कहानियों को किताबों में पढ़ते हुए उस दुनिया में खोये होंगे, उन्हें जी 5 का यह प्रयास बेहद पसंद आयेगा, बल्कि जी 5 की इस रूप में सराहना होनी चाहिए कि जहां वेब कंटेंट के नाम पर अधिकतर क्राइम और अश्लील कांटेंट को परोसने की कोशिश की जा रही है.

ऐसे में रस्किन बॉन्ड जैसे लेखकों की कृतियों को एक बार फिर से दर्शकों को रिविजिट करने का मौका दिया जा रहा है, रस्किन की ये दो कहानियां उनके ही निवास की, पहाड़ों के इर्द-गिर्द घूमती कहानी है. इसे देखते हुए आप अपने पुराने रविवार के दिनों को याद करेंगे, जब हम अली बाबा चालीस चोर, मोगली, माल्गुड़ी डेज जैसे बच्चों के धारावाहिक देखना पसंद करते थे. परछाई के रूप में यह शो पूरे परिवार के साथ देखा जाना चाहिए. इन कहानियों की खास बात यह भी है कि इसके चित्रण में अत्यधिक व बेवजह का मेलोड्रामा क्रियेट करने की कोशिश नहीं की गयी है, ताकि यह सनसनी नजर आये, जो कि प्राय: हर वेब शो का हिस्सा हो गयी है. ये कहानी रस्किन की लिखी किताबों की तरह ही परदे पर भी मासूमियत के साथ नजर आती है.

जहां इन दिनों टीआरपी के खेल में हॉरर कहानियों में सिर्फ सनसनी बेची जा रही है, रस्किन की कहानियां आपको रोमांचित करती है और थ्रील के साथ आपको अलग दुनिया का एहसास कराती है. आप डरते तो हैं. लेकिन फिर आप उन घोस्ट कहलाने वाले किरदारों की कहानी के माध्यम से उस समाज के बारे में भी देख पाते हैं, जहां उन घोस्ट ने जिंदगी जी है. दरअसल, रस्किन उन घोस्ट की आवाज बने हैं और हर कहानी के पीछे और उनके भूत बनने की पीछे की कहानी को दिलचस्प तरीके से परोसा गया है. हमारी लोककथाओं में भूतों को लेकर कई कहानियां हैं, उनके रूपों की चर्चा है. हांटेड प्लेसेज को लेकर भी कई मनगढ़ंत कहानियां हैं. रस्किन दावा नहीं करते कि उनकी कहानियों का वास्तविक जीवन से कोई लेना देना है. लेकिन वह एक नजरिया प्रस्तुत करते हैं. साथ ही पुर्नजन्म जैसी सोच के साथ भी कहानी को अपने एंगल से लिखने की कोशिश करते हैं. निर्देशक ने एक सराहनीय काम यह किया है कि वह मेकिंग के साथ अत्यधिक क्रियेटिव लिबर्टी लेने की कोशिश नहीं करते. ऐसा लगता है कि रस्किन की हमने जैसी कहानियां पढ़ी है. उसे ही बस जीवंत रूप में देख रहे हैं.

खास बात यह है कि इस सीरिज के निर्देशक वीके प्रकाश ने अपनी जिम्मेदारी को पूरी तरह निभाया है और उनका साथ फरीदा जलाल, स्वानंद किरकिरे, मानव विज और दलीप ताहिल जैसे दिग्गज कलाकार दे रहे हैं. साथ ही बाल कलाकार भी बेहतरीन अभिनय कर रहे हैं. इस सीरिज की पहली कहानी जहां एक बच्चे के नजरिये से दिखाती हुई एक वैसी महिला जो कि खुलेपन में न जीने के कारण आत्मदाह करती है, उसके दर्द को दर्शाती है तो दूसरी कहानी विंड ऑन हांटेड हील एक मां के दर्द को दिखाती है, जिसने अपने बच्चे को खो दिया है. रस्किन ने वहां रह रहे स्थानीय लोगों की त्रासदी को भी बखूबी दिखाया है. खास बात यह भी है कि यह वेब शो आपको बोर नहीं करता. कहानी का तरीका भी स्टोरी टेलिंग की तरह ही रखा गया है.

रस्किन की तरह अन्य साहित्यकारों की कहानियों को लेकर भी ऐसे प्रयोग किये जा सकते हैं कि उनकी शॉर्ट स्टोरी को इस तरह का जीवंत चित्रण दिया जाये तो दर्शक इसे पसंद करेंगे. रस्किन के प्रेमियों के लिए यह दिलचस्प शो है. कहा जा सकता है कि यह सीरिज रस्किन बॉन्ड की कहानियों की अलमारी से निकली एक दिलचस्प डायरी है.

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Posted By: Manoj Khadilkar

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