पॉटलक

निर्देशक: राजश्री ओझा

प्रमुख कलाकार: जतिन सियाल, किटू गिडवानी, शिखा तलसानिया, सलोनी खन्ना,

सिद्धार्थ कार्निक, सायरस साहूकार, हरमन सिंघा, इरा दुबे

डिजिटल प्लेटफार्म: सोनी लिव

कुल एपिसोड: आठ

पॉटलक अंग्रेजी का शब्द है, जिसका मतलब है कुछ परिवारों द्वारा अपनी-अपनी रसोई में खाना पकाना और फिर सबका एक जगह पर इकट्ठा होकर मिल-जुल कर भोजन का आनंद उठाना। अंग्रेजी में ही कहावात हैः द फैमेली हू ईट्स टुगेदर, स्टेज टुगेदर। मतलब यह कि जो परिवार साथ में बैठ कर भोजन करता है, वह (हमेशा) इकट्ठा रहता है। मगर मजे की बात यह है कि शास्त्री परिवार इकट्ठा नहीं रहता।

सोनी लिव का यह शो परिवार की एकजुटता की अहमियत को बयां करता है। रोजमर्रा की भागमभाग जिंदगी में परिवार के सदस्यों के पास एकदूसरे के लिए वक्त नहीं होता। ऐसे में गोविंद शात्री (जतिन सियाल) अपने रिटायरमेंट के बाद अलग-अलग रह रहे अपने दो शादीशुदा बेटों विक्रांत (सायरस साहूकार) और ध्रुव (हरमन सिंघा) और अविवाहित बेटी प्रेरणा (शिखा तलसानिया) को एकसाथ लाने की इच्छा रखते हैं। वे बच्चों से अपनी बीमारी को लेकर झूठ बोलते हैं।

पिता की बीमारी की खबर से आहत बच्चे प्रत्येक रविवार को पाटलक के लिए तैयार होते हैं। पॉटलक से आशय है उपलब्ध संसाधनों के साथ परिवार के लिए सहज मौजूद रहना। राजश्री ओझा निर्देशित इस शो की कहानी अश्विन लक्ष्मी नारायण और गौरव लूला ने लिखी है। शो में दादा-दादी का पोता-पोती के साथ लाड़-दुलार, उनके व्यवहार से बहू को होने वाली दिक्कतें, बेटी की शादी की चिंता, माता-पिता की कुछ

आदतों से बच्चों का खीझ जाना, भाई-बहन की नोकझोंक और गपशप जैसे पहलू कहानी को रफ्तार देते और बीच-बीच में गुदगुदाते हैं। जतिन सियाल पिता की भूमिका में जंचे हैं। सास की भूमिका में किटू गिडवानी

प्रभावित करती हैं। शिखा तलसानिया, सलोनी खन्ना, सायरस साहूकार, इरा दुबे, हरमन सिंघा ने भी अपने किरदारों के साथ न्याय किया है। शो के अंत में अगले सीजन का संकेत है।

स्मिता श्रीवास्तव

Edited By: Ruchi Vajpayee