नई दिल्ली, जेएनएन। बालिका वधू फेम एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी ने आंनदी के रूप में घर-घर में अपनी पहचान बनाई। उनका मासूम चेहरा आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है। साल 2016 को अत्महत्या कर अपनी जिंदगी खत्म कर लेने वाली प्रत्युषा के माता-पिता अब तक इस सदमें से उबर नहीं पाए हैं। परिवार का कहना है कि बेटी के जाने के बाद वो टूट कर बिखर गए हैं।

केस के चक्कर में नहीं बचे पैसे

आजतक से बात करते हुए प्रत्युषा बनर्जी के पिता शंकर बनर्जी ने बताया कि उन्हें ऐसा लगता है मानो बेटी की मौत के बाद कोई बड़ा तूफान आया हो और सबकुछ लेकर चला गया हो। उन्होंने कहा कि केस लड़ते-लड़ते वो अपना सबकुछ गंवा बैठे हैं। अब उनके पास एक रुपया भी नहीं बचा है।

पूरी तरह से कर्ज में डूब चुका है परिवार

बेटी के शोक में डूबे पिता ने कहा कि उनकी बिटिया ने ही उन्हें फर्श से अर्श तक पहुंचाया था। वही उनका एकमात्र सहारा थी, लेकिन प्रत्युषा के जाने के बाद मानो कोई बड़ा तूफान आ गया हो। अब उनकी जिंदगी बहुत मुश्किलों से कट रही है। स्थिति ऐसी है कि वो एक कमरे में जिंगदी गुजारने को मजबूर हैं और पूरी तरह से कर्ज में डूब चुके हैं।

मां करती है छोटी सी नौकरी

जीवन यापन के लिए प्रत्युषा की मां एक चाइल्ड केयर सेंटर में काम करती हैं। इन्हीं पैसों से उनके जिंदगी का गुजारा किसी तरह हो रहा है। वहीं प्रत्युषा के पिता इस उम्मीद में कुछ न कुछ कहानियां लिखते रहते हैं कि शायद कहीं कोई बात बन जाए और उनकी जिंदगी फिर से ट्रैक पर लौट आए।

मरते दम तक प्रत्युषा के लिए लड़ूंगा रहूंगा

इस सबके बावजूद प्रत्युषा के पिता ने कहा कि भले ही फिलहाल उनके पास पैसों की तंगी है पर वो हिम्मत नहीं हारे हैं। उन्होंने कहा, 'मैं प्रत्युषा के हक के लिए मरते दम तक लड़ूंगा। प्रत्युषा की जीत हमारी आखिरी उम्मीद है। मुझे यकीन है कि हम एक दिन जरूर जीतेंगे।'

2016 में प्रत्युषा ने की थी आत्महत्या

बता दें कि 1 अप्रैल 2016 को प्रत्युषा बनर्जी अपने मुंबई स्थित अपार्टमेंट में मृत पाई गई थीं। पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट में बताया गया कि मौत दम घुटने से हुई है। इस मामले में प्रत्यूषा के परिवार ने उनके बॉयफ्रेंड राहुल राज सिंह पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप लगाए थे। 

Edited By: Ruchi Vajpayee