नई दिल्ली। सब टीवी के मजेदार सीरियल 'चिडि़याघर' में गधा (जीतू शिवहरे) को जब यह पता चलता है कि मोहल्ला में बड़े पैमाने पर एक शादी का आयोजन किया जा रहा है, तो वह उदास हो जाता है। वह एक पंडित के पास पहुंचता है, जो उसे बताता है कि जल्द ही उसकी मुलाकात उसके जीवनसाथी से होने वाली है। वह पंडित गधा को कुछ घटनाओं के बारे में बताता है, जिससे गधा को अपने जीवनसाथी को पहचानने में मदद मिलेगी।

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गधा, जिसे एक लड़की की तलाश है, की मुलाकात जल्द ही मरकटी (आरती खंडपाल) नाम की एक लड़की से होती है। कुछ दिनों की मुलाकात और बातचीत के बाद गधा यह समझ लेता है कि वही उसकी जीवन संगिनी है।किस्मत भी एक खेल रचती है और मरकटी का जल्द ही चिडि़याघर में आगमन होता है, क्योंकि मरकटी के पिता ने बाबूजी (राजेन्द्र गुप्ता) की शिक्षा के बारे में काफी कुछ सुना है। वह चाहते हैं कि एक एनआरआइ लड़के से शादी करने से पहले मरकटी बाबूजी से मूल्यों और नैतिकता का ज्ञान प्राप्त करे।

बाबूजी मरकटी को ज्ञान देने के लिए राजी हो जाते हैं और वह जल्द ही चिडि़याघर की नियमित आगंतुक बन जाती है। गधा, जिसे मरकटी से प्यार हो जाता है, उसे प्रेम पत्र लिखता है, जो गलती से उसके पिता के पास पहुंच जाता है। मरकटी के पिता उसे चिडि़याघर से बाहर लाने का फैसला करते हैं और गधा उदास हो जाता है। टाॅमी (अभय प्रताप सिंह) और पप्पी (संजय चैधरी) उसकी मदद करने का फैसला करते हैं और गधा को मरकटी के साथ भाग जाने व शादी करने का सुझाव देते हैं।

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गधा की भूमिका अदा कर रहे जीतू शिवहरे ने कहा, ‘गधा को मरकटी से प्यार हो गया है और इस रिश्ते के लिए उसके पिता के विरोध का सामना करने के बाद वह उसके साथ भाग जाने का फैसला करता है। परिवार के सभी सदस्य तनाव में हैं, क्योंकि वे उन्हें ढूंढ नहीं पा रहे हैं और उन्हें चिडि़याघर में वापस लाने के लिए सर्च पार्टीज भेजते हैं। जब बाबू जी उन्हें आखिरकार ढूंढ लेते हैं, तो वे क्या फैसला करेंगे यह दर्शकों के लिए देखने लायक सीक्वेंस होगा।‘ इस सीरियल का प्रसारण प्रत्येक सोमवार से शुक्रवार, रात 9 बजे होता है।

Posted By: Pratibha Kumari

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