शिक्षकों की डांट ने संवारी जिंदगी, गुल्की जोशी ने कहा- 'जीवन में हर वो शख्स गुरु जो सही राह दिखाए'
अभिनेत्री गुल्की जोशी ने बताया कि कैसे बचपन में शिक्षकों की डांट और सीख ने उन्हें अनुशासन और जिम्मेदारी सिखाई, जिससे उनके पेशेवर जीवन में भी मदद मिली।

जागरण न्यूज नेटवर्क, मुंबई। 5 सितंबर को पूरा देश शिक्षक दिवस मनाएगा। एक शिक्षक की हमारी जिंदगी में वो इंसान होता है जो हमें उचित रास्ता दिखाकर आगे बढ़ने की सीख देता है।
इस खास मौके पर 'एक डाक्टर दो जिंदगियां' की अभिनेत्री गुल्की जोशी (Gulki Joshi) बताती हैं, स्कूल में मैं बहुत शरारती बच्ची तो नहीं थी, लेकिन दोस्तों के साथ मिलकर छोटी-मोटी शरारतें जरूर करती थी।
बचपन में जब कोई टीचर पूरी क्लास के सामने डांट देता था या किसी गलती के कारण कोई सजा देता था तो उस वक्त बहुत बुरा लगता था। लगता था कि मेरे साथ ही ऐसा क्यों हो रहा है। आज पीछे मुड़कर देखती हूं तो एहसास होता है कि उन छोटी-छोटी बातों ने ही अनुशासन और जिम्मेदारी सिखाई।
शिक्षकों ने दिया खुद को सुधारने का मौका
गुल्की ने आगे बताया कि हर गलती के बाद स्वयं को सुधारना और अपनी जिम्मेदारी लेना, उन्हीं अनुभवों से आया। मेरे शिक्षकों ने ही मुझे चीजों को हल्के में न लेने की आदत सिखाई और बताया कि हर काम पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ करना है। एक्टिंग में भी यही बात मेरे बहुत काम आई।
-1788521999048.webp)
उन्हें बचपन में सख्त शिक्षकों से डर लगता था कि ये छोटी सी गलती भी पकड़ लेंगे। हालांकि, आज लगता है कि वही शिक्षक सबसे ज्यादा जरूरी थे। उन्होंने हमें सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं दिया, बल्कि समय की पाबंदी, अनुशासन, दूसरों का सम्मान करना और अपने काम के प्रति गंभीरता सिखाई। आज पेशेवर जिंदगी में इन चीजों की अहमियत समझती हूं।
एक्ट्रेस ने अपने शिक्षकों को दिया क्रेडिट
टीवी इंडस्ट्री में आने के बाद मैंने कई लोगों से सीखा है। मैं मानती हूं कि जो भी इंसान आपको अपने अनुभव से कुछ सिखाता है, गलतियां बताता है या आपको बेहतर बनने के लिए प्रेरित करता है, वह किसी न किसी रूप में आपका गुरु है। मुझे अपने वरिष्ठ और सह कलाकारों से बहुत कुछ सीखने को मिला है। उनकी डांट भी मिली है, लेकिन वह डांट हमेशा सीखने का हिस्सा रही है।
-1788522056660.webp)
आज मैं जहां हूं, उसमें मेरे माता-पिता, मेरे शिक्षकों और मेरे जीवन में आए उन सभी लोगों का योगदान है जिन्होंने मुझे कुछ सिखाया। कई बार हमें अपने शिक्षकों की अहमियत समझने में वर्षों लग जाते हैं, लेकिन उनकी दी हुई सीख जिंदगी भर हमारे साथ रहती है।
