-पराग छापेकर

स्टार कास्ट: रजनीकांत, अक्षय कुमार, एमी जैक्सन आदि

निर्देशक: एस शंकर

निर्माता: ए० सुबाष्करण, के० करुनामूर्थी

इमेजिनेशन और हैवी स्टार कास्ट भी किसी फ़िल्म के अच्छी होने की गारंटी नहीं होती। एस शंकर की फ़िल्म '2.0 (2 Point 0)' को लेकर शुरू से एक ज़बरदस्त क्रेज़ दिखा। लेकिन, इस उत्साह के बाद जब आप थियेटर पहुंचते हैं तो आप निराश हो सकते हैं।

हालांकि, बच्चों को यह फ़िल्म पसंद आ सकती है। अभिनय और प्रोडक्शन के लिहाज से यह एक शानदार फ़िल्म है लेकिन, कहानी की जो बुनावट है उस मोर्चे पर फ़िल्म काफी कमजोर साबित होती है।

कहानी कुछ यूं है कि लोगों के मोबाइल अचानक से गायब होने लगते हैं और वैज्ञानिक वसीकरण (रजनीकांत) को भी इसका पता नहीं चल पाता! गृहमंत्री एस विजय कुमार (आदिल हुसैन) इसके लिए वसीकरण की मदद लेते हैं, जो मोबाइल गायब होने की वजह के बारे में पता करने की कोशिश करता है। इसी बीच नीला (एमी जैकसन) और चिट्टी (रजनीकांत) की एंट्री होती है।

लेकिन, कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब पक्षीराज (अक्षय कुमार) की एंट्री होती है। आखिर में मोबाइल के गायब होने की वजहें सामने आती हैं। तो इस सिलसिले को समझने के लिए आपको थियेटर तक जाना होगा! इतना ज़रूर है कि फ़िल्म का विजुअल ट्रीटमेंट दमदार है! 

पूरी फ़िल्म वीएफएक्स में है और तकनीकि रूप से यह फ़िल्म काफी स्ट्रॉन्ग है! फ़िल्म देखकर यह समझ में आता है कि इस पर काफी मेहनत की गयी है। लेकिन, फ़िल्म की सबसे कमजोर कड़ी है स्क्रिप्ट। स्क्रीनप्ले पर अगर थोड़ा काम किया जाता तो फ़िल्म एक मिसाल बन सकती थी! 

 हालांकि, बच्चों को यह फ़िल्म पसंद आ सकती है और उन्हें यह फ़िल्म किसी जादुई दुनिया में होने का अहसास दे सकती है! बड़ों को यह फ़िल्म निराश करेगी! 

जागरण डॉट कॉम रेटिंग: पांच (5) में से ढाई (2.5) स्टार

अवधि: 2 घंटे और 30 मिनट

Posted By: Hirendra J