स्मिता श्रीवास्‍तव, मुंबई। JugJugg Jeeyo Review : शादी नई हो या पुरानी मियां बीवी के बीच लड़ाई होना कोई नई बात नहीं है। कई बार यह लड़ाई इतनी खींच जाती है कि तलाक की नौबत आ जाती है। तलाक के पीछे कई बार पत्‍नी की सफलता, शादी में रोमांस की कमी, एकदूसरे के साथ धोखा करने जैसी कई वजहें भी होती हैं। इसी विषय के केंद्र में फिल्‍म जुग जुग जियो की कहानी है। शादी के पीछे की कशमकश को दो पीढ़ियों के जरिए इसमें दर्शाया गया है।

कहानी पंजाब के पटियाला शहर के कुक्‍कू (वरुण धवन) की है। पांचवीं क्‍लास से ही वह नैना (कियारा आडवाणी) से प्‍यार करता है। युवा होने पर दोनों परिवार की रजामंदी से शादी करके कनाडा चले जाते हैं। हालांकि उनकी खुशमिजाज जिंदगी में अब पहले जैसा प्रेम नहीं रहा है। शादी की पांचवीं सालगिरह पर दोनों एकदूसरे से तलाक चाहते हैं। इस बीच कुक्‍कू की छोटी बहन गिन्‍नी (प्राजक्‍ता कोली) की शादी के लिए दोनों भारत आते हैं। दोनों तय करते हैं कि गिन्‍नी की शादी होने के बाद वह तलाक की बात अपने परिवार को बता देंगे। घर पहुंचने पर कुक्‍कू को पता चलता है कि उसके पिता भीम (अनिल कपूर) उसकी मां गीता (नीतू कपूर) से ही तलाक लेना चाहते हैं। भीम का कुक्‍कू की ही गणित की टीचर मीरा (टिस्‍का चोपड़ा) साथ अफेयर चल रहा है। कुक्‍कू के सामने एक तरफ अपनी तो दूसरी ओर माता पिता की शादी टूटने के कगार पर है। उसकी जिंदगी में उथल-पुथल मच जाती है। शादी का असल मतलब क्‍या है? शादी समझौते का नाम है या प्‍यार का? क्‍या वह दोनों के रिश्‍ते को बचा पाएगा। कहानी इसी संदर्भ में हैं।

फिल्‍म गुड न्‍यूज के बाद राज मेहता ने जुगजुग जियो का निर्देशन किया है। उन्‍होंने शादी से जुड़ी रूढ़िवादी समस्‍या को उठाते हुए उसके साथ हृयूमर को जोड़ा है। रिश्‍तों में उतार-चढ़ाव की यह कहानी साधारण है लेकिन उनके बीच आने वाले मतभेद, टकराव और पारिवारिक दिक्‍कतों को उन्‍होंने बेहद सतर्कता और संजीदगी के साथ बनाया है जिससे आप एक पल भी बोझिल अनुभव नहीं करते हैं। मौलिक कहानी होने की वजह से फिल्‍म में ताजगी है। अनुराग सिंह की लिखी कहानी शुरुआत से लेकर आखिर तक आपको बांधे रखती है। ऋषभ शर्मा, अनुराग सिंह और सुमित भटेजा द्वारा लिखित स्‍क्रीनप्‍ले आपको हंसने और झकझोरने के कई पल देते हैं।

अपनी शादी में घुटन और पिता की प्रेम कहानी से हैरान-परेशान कुक्‍कू की भूमिका में वरुण धवन प्रभावित करते हैं। कियारा आडवाणी खूबसूरत लगती है। उन्‍हें कुछ दृश्‍यों में नैना के दर्द को दिखाने का पूरा मौका मिला है जिसमें उनकी अभिनय प्रतिभा निखरी नजर आई है। वरुण और कियारा के किरदारों के बीच चाहे अनबन हो, तनाव या प्‍यार उनकी ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री पर्दे पर अच्‍छी लगती है। अनिल कपूर सिद्धहस्‍त अभिनेता है। उन्‍होंने जिस एनर्जी और कॉन्फिडेंस के साथ यह किरदार निभाया है वह उन्‍हें सेंटर में ले आता है। उनका अभिनय फिल्‍म की जान है। उनकी भंगिमाएं देखते ही बनती हैं। नीतू कपूर ने करीब नौ साल के बाद बड़े पर्दे पर वापसी की है। उन्‍होंने मां, पत्‍नी और सास के तौर पर तीनों पहलुओं को बखूबी आत्‍मसात किया है। वह किरदार में जंचती है। कियारा के साथ एक दृश्‍य में शादी को लेकर बातचीत में उनका इमोशन आपको भावुक कर जाता है। वहीं नैना के भाई की भूमिका में आए मनीष पाल के हिस्से में कई कामिक सीन आए हैं। वह अपनी अदायगी और कामेडी से खासा प्रभावित करते हैं। यूट्यूबर प्राजक्‍ता कोली ने इस फिल्‍म से अपने अभिनय सफर का आगाज किया है। उनका किरदार प्‍यार किसी और से करता है लेकिन सैटल होने के लिए शादी कर रहा है। उसकी प्रेम कहानी और शादी के तर्क में अधूरापन है। भीम की प्रेमिका की भूमिका में टिस्‍का चोपड़ा है। अपनी संक्षिप्‍त भूमिका में वह प्रभाव छोड़ने में कामयाब रही हैं। फिल्‍म का गाना 'नच पंजाबन' पहले ही हिट हो चुका है। फिल्‍म की सिनेमेटोग्राफी काबिलेतारीफ है। शादी और तलाक जैसे मुद्दे को हल्‍के-फुल्‍के अंदाज में उठाती फिल्‍म की शुरुआत रोचक अंदाज से होती है और उसका अंत भी। इस फिल्‍म की खासियत है इसके कलाकारों की परफार्मेंस और दमदार स्‍क्रीन प्‍ले और डायलाग। कुछ कमियों के बाद बावजूद यह फैमिली ड्रामा पूरी तरह एंटरटेन करने में सफल रहता है।

फिल्‍म रिव्‍यू : जुग जुग जियो

प्रमुख कलाकार : कियारा आडवाणी, वरुण धवन, अनिल कपूर, नीतू कपूर, मनीष पाल , प्राजक्‍ता कोली

निर्देशक : राज मेहता

अवधि : 150 मिनट

स्‍टार : साढ़े तीन

Edited By: Priti Kushwaha