[स्मिता श्रीवास्तव]। मनीषा कोईराला ने बतौर नायिका संजय दत्त के साथ अनेक फिल्में कीं। अब संजय दत्त की बायोपिक ‘संजू’ में वह उनकी मां नर्गिस दत्त की भूमिका में नजर आएंगी। ‘संजू’ के अलावा दो और फिल्में भी उनकी झोली में हैं। फिल्म ‘संजू’ में नर्गिस के किरदार, दत्त परिवार के साथ रिश्ते और कैंसर से जंग की बातें वह कर रही हैं साझा...

संजय दत्त के साथ आप काम कर चुकी हैं। उन्हें लेकर क्या कहना चाहेंगी?
संजय दत्त के साथ मैंने काफी फिल्में की हैं। मैं उन्हें वर्षों से जानती हूं। उन्होंने सेट पर बहुत प्रैंक किए हैं। बहुत ही दिलदार और अच्छे इंसान हैं।

संजय दत्त की बायोपिक को कैसे देखती हैं?
निर्देशक राजकुमार हिरानी ने एक बात कही थी। वह ये कि किसी के साथ कितना भी काम कर लो। उसकी जिंदगी में क्या बीता हमें मालूम नहीं होता। इस फिल्म के जरिए दर्शक संजय की जिंदगी के कई अनछुए पहलुओं से रूबरू होंगे। मैं तो उनकी नायिका रही। सेट पर होने वाली गतिविधियों से वाकिफ थी। उनकी जिंदगी में काफी उतार-चढ़ाव आए। बहरहाल, यह खूबसूरत फिल्म है। यह ऐसे शख्स की जर्नी है जिसके पास शोहरत, दौलत, ग्लैमर था। बाद में अपनी गलतियों की वजह से काफी कष्ट झेलना पड़ा।

संजय की बहन और सांसद प्रिया दत्त ने किस प्रकार मदद की किरदार को निभाने में?
नर्गिस दत्त की जिंदगी को करीब से जानने के लिए उन्होंने मुझे ‘मिस्टर एंड मिसेज दत्त: मेमोरीज ऑफ अवर पैरेंट्स’ किताब दी थी। उसे उन्होंने ही लिखा है। उससे काफी मदद मिली। मैंने नर्गिस जी की डाक्यूमेंट्री फिल्में काफी देखीं। फिल्म में मेरा कैमियो है। फिल्म में नर्गिस जी का हिस्सा कैंसर पता चलने के बाद का है। वह संजय की डेब्यू फिल्म ‘रॉकी’ के प्रीमियर में शामिल होना चाहती थीं। दुर्भाग्य से उनकी ख्वाहिश अधूरी रह गई। उनकी मौत का असर संजय पर काफी पड़ा। फिल्म में कुछ हिस्सा न्यूयॉर्क और मुंबई का है। नर्गिस जी न्यूयॉर्क में इलाज कराने गई थीं। उन्होंने कुछ ऑडियो रिकॉर्ड किए थे। वे संजय को काफी प्रोत्साहित करते थे। यह सब फिल्म में देखने को मिलेगा।

क्या कभी सुनील दत्त से मुलाकात हुई?
उनके घर में बने अजंता थिएटर में मेरी फिल्म ‘बांबे’ का ट्रायल रखा गया था। उस फिल्म को देखने के बाद सुनील साहब ने मुझे फोन किया। उन्होंने कहा कि मनीषा यह फिल्म देखने के बाद नर्गिस जी याद आ गईं। तुमने बहुत अच्छा काम किया। उनकी बात सुनकर गौरवान्वित महसूस किया। मैं अपनी बीमारी पर मैं किताब लिख रही हूं। उम्मीद है कि इस साल किताब आ जाएगी।

आपकी पसंदीदा फिल्में, जिन्होंने आप पर गहरा प्रभाव छोड़ा?
बहुत सारी। सबका नाम लेना मुमकिन नहीं। मुझे सिनेमा देखना बहुत पसंद है। मैं जब लो फील करती हूं तो उम्दा किताबें, साहित्य या कहानी पढ़ती हूं। उनसे मुझे प्रेरणा मिलती है। मैं जब बीमार थी तो ऑडियो बुक्स सुना करती थी। उससे मुझे हौसला मिलता था। मैं अपनी बीमारी पर मैं किताब लिख रही हूं। उम्मीद है कि इस साल किताब आ जाएगी।

क्या निर्देशन में आने का इरादा है?
अभी नहीं। फिलहाल मैं एक्टिंग एंजॉय कर रही हूं। ‘प्रस्थानम’ के अलावा ए आर रहमान की फिल्म ‘99 सांग्स’ की है। 

Posted By: Sanjay Pokhriyal