नई दिल्ली, जेएनएन। इतिहास की सबसे भीषण लड़ाइयों में से एक पानीपत की तीसरी लड़ाई पर्दे पर उतना असर पैदा नहीं कर सकी, जिसके चलते आशुतोष गोवारिकर की फ़िल्म 'पानीपत' ने पहले हफ़्ते में उम्मीदों के मुताबिक कलेक्शन नहीं किया। इस बीच निर्माताओं ने फ़िल्म की लम्बाई लगभग कम करके आज (शुक्रवार) से इसे दोबारा रिलीज़ किया है। 

6 दिसम्बर को रिलीज़ हुई फ़िल्म का पहले हफ़्ते में हाल अच्छा नहीं रहा। फ़िल्म ने पहले दिन सिर्फ़ 4.12 करोड़ ही जमा किये थे। शनिवार और रविवार को पानीपत के कलेक्शंस कुछ बढ़े और फ़िल्म ने 5.78 करोड़ और 7.78 करोड़ जमा किये। वर्किंग वीक में सोमवार को फ़िल्म ने 2.59 करोड़ का कलेक्शन किया था, जबकि मंगलवार को 2.21 करोड़ मिले। बुधवार को फ़िल्म ने सिर्फ़ 1.70 करोड़ ही जमा किये हैं। गुरुवार को फ़िल्म की रिपोर्ट और ख़राब रही। गुरुवार को रिलीज़ के सातवें दिन पानीपत ने 1.50 करोड़ ही जमा किये। रिलीज़ के सात दिनों में फ़िल्म के कलेक्शंस 25.68 करोड़ हो गये है। 

बॉलीवुड में ऐतिहासिक फ़िल्मों की कमी नहीं है, मगर किसी ख़ास युद्ध पर बेहद कम फ़िल्में बनी हैं। इस साल अक्षय कुमार की केसरी आयी, जो सारागढ़ी की लड़ाई पर आधारित थी। संयोग से इस फ़िल्म में भी भारतीय जांबाज़ों को अफ़गानी आक्रमणकारियों से जंग करते हुए दिखाया गया था। केसरी के बाद 2019 की दूसरी वॉर फ़िल्म पानीपत है, जिसमें मराठाओं और अफ़गान सुल्तान अहमद शाह अब्दाली की बीच जंग की कहानी दिखायी गयी है। हालांकि केसरी और पानीपत के समयकाल में एक सदी से अधिक  का अंतर है। बहरहाल, केसरी बॉक्स ऑफ़िस पर सफल रही, मगर पानीपत सफलता के लिए जूझ रही है। 

विरोध से कलेक्शंस हुए प्रभावित

पानीपत की रिलीज़ के बाद इसका राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में ज़बर्दस्त विरोध किया जा रहा है। जाट समुदाय का आरोप है कि फ़िल्म में महाराजा सूरजमल का चित्रण सही ढंग से नहीं किया गया है। उन्हें मराठा सेनापति सदाशिव राव भाऊ से मदद करने के बदले सौदेबाज़ी करते हुए दिखाया गया है, जो तथ्यात्मक रूप से ग़लत है। इसी को लेकर जाट समुदाय आंदोलन कर रहा है और फ़िल्म से इस दृश्य को हटाने की मांग भी कर रहा है। इस विरोध का भी पहले हफ़्ते में फ़िल्म के कलेक्शंस पर असर पड़ा है। मुंबई टेरीटरी को छोड़कर देश के बाक़ी हिस्सों में फ़िल्म के कलेक्शंस ख़राब रहे। 

पानीपत की लम्बाई घटी

निर्माताओं ने फ़िल्म की लम्बाई लगभग 12 मिनट कम करके 13 दिसम्बर से इसे फिर से रिलीज़ किया है। विवाद ख़त्म करने के साथ फ़िल्म को अधिक दर्शनीय बनाने की मंशा से ऐसा किया गया है। 

पानीपत 14 जनवरी 1761 को हुए पानीपत के तीसरे युद्ध और इसके आसपास हुई घटनाओं पर आधारित है। इस लड़ाई में मराठा सेनापति सदाशिव राव भाऊ वीरगति को प्राप्त हुए थे। अगले कुछ सालों तक इस लड़ाई ने मराठा साम्राज्य के विस्तार पर रोक लगा दी थी। फ़िल्म में सदाशिव राव भाऊ का रोल अर्जुन कपूर ने निभाया है, जबकि अफ़गान के सुल्तान अहमद शाह अब्दाली के रोल में संजय दत्त हैं। वहीं, कृति सनोन ने फ़िल्म में सदाशिव की पत्नी पार्वतीबाई का किरदार निभाया है। दूसरे हफ़्ते में पानीपत को रानी मुखर्जी की फ़िल्म मर्दानी से टक्कर लेनी होगी।

Posted By: Manoj Vashisth

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