नई दिल्ली, जेएनएन। इतिहास के पन्नों में एक भीषण लड़ाई के रूप में दर्ज़ पानीपत की तीसरी लड़ाई निर्देशक आशुतोष गोवारिकर बॉक्स ऑफ़िस पर हारते दिख रहे हैं। यह मेगा बजट फ़िल्म रिलीज़ के 6 दिनों में महज़ 24 करोड़ के आसपास ही जमा कर पायी है। ऊपर से विवाद के चलते कई सिनेमाघरों में फ़िल्म के शोज़ प्रभावित हुए हैं।

पानीपत, आशुतोष गोवारिकर की महत्वाकांक्षी फ़िल्म है, जिसे उन्होंने काफ़ी मेहनत से बनाया है। इस वॉर फ़िल्म के दृश्यों को भव्य बनाने में आशुतोष ने कोई कसर नहीं छोड़ी, पर लगता है कि दर्शकों को प्रभावित नहीं कर सकी। 6 दिसम्बर को रिलीज़ हुई पानीपत की रफ़्तार पहले दिन से ही धीमी रही थी। फ़िल्म ने सिर्फ़ 4.12 करोड़ की ओपनिंग ली थी। हालांकि यह ओपनिंग ट्रेड विश्लेषकों के अनुमानों के आस-पास ही थी। शनिवार और रविवार को पानीपत के कलेक्शंस कुछ बढ़े और फ़िल्म ने 5.78 करोड़ और 7.78 करोड़ जमा किये। 

वर्किंग वीक में सोमवार को फ़िल्म ने 2.59 करोड़ का कलेक्शन किया था, जबकि मंगलवार को 2.21 करोड़ मिले। बुधवार की रिपोर्ट और ख़राब है। बॉलीवुड हंगामा के अनुसार, फ़िल्म ने सिर्फ़ 1.70 करोड़ ही जमा किये हैं। रिलीज़ के सात दिनों में फ़िल्म 24.18 करोड़ का कलेक्शन ही कर सकी है। 

अगर, आशुतोष की पिछली फ़िल्मों पर नज़र डालें तो उन्होंने आमिर ख़ान के साथ लगाने और रितिक रोशन के साथ जोधा-अकबर जैसी बेहद कामयाब और बेहतरीन फ़िल्में दी हैं। हालांकि उनकी पिछली फ़िल्म मोहेनजो दाड़ो बॉक्स ऑफ़िस पर सफल नहीं रही थी। इस फ़िल्म में भी रितिक रोशन ने ही लीड किरदार निभाया था। 

पानीपत के इस प्रदर्शन से ट्रेड भी हैरान है, क्योंकि फ़िल्म के सामने कोई बड़ी चुनौती भी नहीं थी। सिर्फ़ पति पत्नी और वो ही रिलीज़ हुई, जो बिल्कुल अलग जॉनर और मिज़ाज की फ़िल्म है। मगर, बॉक्स ऑफ़िस पर यह रोमांटिक कॉमेडी काफ़ी आगे निकल चुकी है। फ़िल्म 6 दिनों में 50 करोड़ का पड़ाव पार कर चुकी है।

Posted By: Manoj Vashisth

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