नई दिल्ली, जेएनएन। कोरोना वायरस पैनडेमिक की वजह से घुटनों पर आयी फ़िल्म इंडस्ट्री एक बार फिर खड़े होने की कोशिश कर रही है, मगर सिनेमाघरों के बंद होने से फ़िल्म कारोबार के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने महाराष्ट्र में पैनडेमिक के दौरान लगायी गयी पाबंदियों में कुछ ढील दी है, मगर मल्टीप्लेक्स और सिनेमा हाल बंद रखने का फ़ैसला किया है।

सिनेमाघर खुलने का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे मल्टीप्लेक्स संचालकों के बीच इस फ़ैसले के बाद खलबली मच गयी है। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार के फ़ैसले को निराशाजनक बताते हुए इस फ़ैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है। 

मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया की ओर से कहा गया कि सिनेमाघरों को बंद रखने का महाराष्ट्र सरकार का फ़ैसला पूरी फ़िल्म इंडस्ट्री के लिए निराशाजनक है। यह फ़ैसला ऐसे समय में आया है, जबकि इंडस्ट्री को सभी बड़े राज्यों में सिनेमाघर खोलने की अनुमति मिल चुकी है और पैऩ़डेमिक की वजह से हुए विनाश की भरपाई करने की कोशिश में जुटी है। एसोसिएशन ने महाराष्ट्र सरकार से इस फ़ैसले पर दोबारा विचार करने की गुज़ारिश की है।

बेलबॉटम और चेहरे होने वाली हैं रिलीज़

दूसरी लहर थमने के बाद हालात में सुधार देखते हुए कुछ दिन पहले अक्षय कुमार ने अपनी फ़िल्म बेलबॉटम को सिनेमाघरों में रिलीज़ करने का एलान किया था। तारीख़ है 19 अगस्त। दर्शकों को सिनेमाघरों तक आकर्षित करने के लिए फ़िल्म को 3डी में भी रिलीज़ किया जा रहा है। बेलबॉटम का आज (3 अगस्त) शाम को ट्रेलर भी रिलीज़ किया जा रहा है। इसके लिए अक्षय कुमार लीड एक्ट्रेस वाणी कपूर, निर्माता रितेश देशमुख और दीपशिखा देशमुख के साथ दिल्ली पहुंच रहे हैं। 

वहीं, सूत्र बताते हैं कि अमिताभ बच्चन और इमरान हाशमी की फ़िल्म चेहरे को मेकर्स अगस्त के दूसरे हफ़्ते में रिलीज़ करने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में महाराष्ट्र सरकार के ताज़ा फ़ैसले का असर इन दोनों फ़िल्मों के कारोबार पर पड़ सकता है। 

हिंदी फ़िल्मों के लिए सबसे अहम महाराष्ट्र

हिंदी फ़िल्मों के बॉक्स ऑफ़िस कलेक्शंस के हिसाब से महाराष्ट्र सर्किट सबसे अधिक अहम है, क्योंकि कलेक्शंस का बड़ा हिस्सा महाराष्ट्र से ही आता है। कुछ राज्यों में 50 फीसदी क्षमता के साथ सिनेमाघर खोलने की अनुमति दी गयी है। मगर, इन राज्यों से टिकट विंडो पर होने वाला कारोबार महाराष्ट्र के मुक़ाबले काफ़ी कम रहता है। 

बता दें, मार्च 2020 से ही पैनडेमिक की वजह से सिनेमाघरों का बिज़नेस ठप पड़ा है। पहली लहर का असर कम होने के बाद इस साल जनवरी और फरवरी में कई फ़िल्मों के सिनेमाघरों में रिलीज़ करने की घोषणा की गयी थी, मगर मार्च के बाद दूसरी लहर का प्रकोप होने के बाद सिनेमाघर बंद कर दिये गये और फ़िल्मों की रिलीज़ स्थगित कर दी गयी थी।

Edited By: Manoj Vashisth