नई दिल्ली, जेएनएन। वित्तीय वर्ष 2021-22 की दो तिमाही लगभग बीत चुकी हैं और तीसरी तिमारी शुरू होने वाली है। अक्टूबर से दिसम्बर की यह तीसरी तिमाही फ़िल्म इंडस्ट्री के लिए बेहद अहम है, क्योंकि इन तीन महीनों में फेस्टिव सीज़न के मद्देनज़र फ़िल्म कारोबार को सबसे अधिक फ़ायदा होता है। अक्टूबर से दिसम्बर तक दशहरा, दिवाली और क्रिसमस जैसे बड़े त्योहार आते हैं। उत्सव का माहौल और छुट्टियां मनोरंजन इंडस्ट्री के लिए उत्प्रेरक का काम करते हैं।

चालू वित्तीय वर्ष की दो तिमाही कोरोना वायरस पैनडेमिक की भेंट चढ़ने के बाद अब फ़िल्म कारोबारियों की नज़र इसी तीसरी तिमाही पर है। देश के कई राज्यों में सिनेमाघर और मल्टीप्लेक्स कोरोना गाइडलाइंस के साथ खुल चुके हैं, मगर हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री के लिए सबसे अहम महाराष्ट्र में अभी भी सिनेमाघर बंद हैं।

शिव सेना सांसद से की सिनेमाघर खोलने की मांग

महाराष्ट्र राज्य से हिंदी फ़िल्मों को सबसे अधिक कमाई होती है। इसलिए फ़िल्म इंडस्ट्री के लिए इस राज्य में सिनेमाघर और मल्टीप्लेक्स खुलना बेहद ज़रूरी है। मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन लगातार राज्य सरकार से सिनेमाघर खोलने की मांग कर रही है। एसोसिएशन के अधिकारी और फ़िल्म निर्माता इस मांग को लेकर निरतंर सरकार के नुमाइंदों को ज्ञापन देने से लेकर निजी मुलाकात कर रहे हैं। 

इसी क्रम में गुरुवार को मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों, संचालक और निर्माताओं ने शिव सेना नेता और राज्य सभा सांसद संजय राउत से मुलाक़ात की। प्रतिनिधिमंडल ने फ़िल्म इंडस्ट्री की मौजूदा हालत के मद्देनज़र शिव सेना सांसद से महाराष्ट्र में सिनेमाघर खोलने की अपील की। शिव सेना सांसद ने फ़िल्म इंडस्ट्री को सपोर्ट करने का आश्वासन देने के साथ जल्द समस्या का समाधान करने का वादा किया।

फ़िल्म इंडस्ट्री के प्रतिनिधिमंडल में पेन स्टूडियोज़ के चेयरमैन-मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. जयंतीलाल गाड़ा, पेन मरूधर के संजय मरूधर, मल्टीप्लेक्स एसोसिशन के प्रसीडेंट और पीवीआर पिक्चर्स के सीईओ कमल गियानचंदानी, आइऩक्स लेज़र लिमिटेड के सीईओ आलोक टंडन, सिनेपोलिस इंडिया के सीईओ देवांग सम्पत और पीवीआर सिनेमाज़ के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट प्रोग्रामिंग थॉमस डिसूज़ा शामिल थे।

ओटीटी प्लेटफॉर्म से हो रही क्षतिपूर्ति

कोरोना वायरस पैनडेमिक के चलते सिनेमाघरों को सिर्फ़ 50 फीसदी क्षमता के साथ संचालित किये जाने की अनुमति है। ऐसे में बॉक्स ऑफ़िस पर बेहतर कलेक्शन के लिए महाराष्ट्र के सिनेमाघर खुलना बेहद ज़रूरी है, जहां से हिंदी फ़िल्मों को 30-40 फीसदी कलेक्शन मिलता है। पिछले महीनों में चेहरे, बेलबॉटम और थलाइवी जैसी बड़ी और चर्चित फ़िल्में सिनेमाघरों में रिलीज़ की गयीं, मगर इनके कलेक्शंस उत्साहवर्द्धक नहीं रहे थे। गनीमत यह है कि निर्माताओं को टिकट विंडो पर होने वाले घाटे की भरपाई ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के साथ हुई डील से हो जाएगी, मगर एग्ज़िबिटर्स के कारोबार के लिए सिनेमाघरों का खुलना ज़रूरी है। 

तीसरी तिमाही में आने वाली फ़िल्में

एक अक्टूबर को भवाई सिनेमाघरों में रिलीज़ हो रही है, जिसमें प्रतीक गांधी और ऐंद्रिता रे लीड रोल्स में हैं।दशहरे पर एसएस राजामौली की आरआरआर और अजय देवगन की मैदान रिलीज़ होने वाली थी, मगर यह फ़िल्में अब 2022 में रिलीज़ होंगी। अक्षय कुमार की पृथ्वीराज और शाहिद कपूर की जर्सी को दिवाली पर रिलीज़ करने का एलान किया गया था, मगर यह पुरानी बात है। इन फ़िल्मों की रिलीज़ को लेकर अभी कोई अपडेट नहीं है। अभी तक सिर्फ़ आमिर ख़ान की लाल सिंह चड्ढा की रिलीज़ ही तय है, जो क्रिसमस पर आएगी। इनके अलावा कुछ हॉलीवुड फ़िल्में भी तीसरी तिमाही में सिनेमाघरों में रिलीज़ हो रही हैं। 

Edited By: Manoj Vashisth