नई दिल्ली, जेएनएन। पर्यावरण इस वक्त भारत समेत दुनिया का बड़ा मुद्दा है। लोग इस मामले को लेकर काफी गंभीर हैं। बॉलीवुड इसे उतने जोरों-शोरों ने ही उठा रहा है, जितनी की जरूरत है। हालांकि, इस मुद्दे पर फ़िल्म लगातार बन रही है। ऐसी ही एक फ़िल्म है पवन शर्मा की 'वन रक्षक'। यह फ़िल्म फिलहाल फेस्टिवल्स में धूम रही है। लंदन में इसकी स्पेशल स्क्रीनिंग भी होने वाली है। ऐसे में जागरण डॉटकॉम ने फ़िल्म के मुख्य किरदार  धीरेंद्र ठाकुर और यशपाल शर्मा से बात की। 

फ़िल्म को लेकर लीड एक्टर धीरेंद्र ठाकुर ने कहा, 'वन रक्षक मुझे काफी अलग लगी। इसमें जो किरदार है, वह मुझसे बिलकुल अलग है। यह मेरे लिए काफी चैलेजिंग था, इसलिए मैंने वन रक्षक को चुना। फ़िल्म का किरदार (चिरंजी लाल चौहान) मेरे लिए सबसे आकर्षक रहा। जब मुझे इसकी कहानी सुनाई गई, वैसे ही मैंने इसके लिए हां कर दी। यह मेरी पहली फ़िल्म हैं, ऐसे में किरदार ऐसा होना चाहिए, जिसे लोग रिकॉगनाइज़ कर सकें।'

धीरेंद्र ने मुंबई आने वाले युवकों के लिए सलाह दी कि वह पहले काम सीखकर आएं। इसके बाद मुंबई को अपना समय और पैशन दें। सरवाइवल के लिए काम करते रहें और नए काम की तलाश भी करते रहे हैं। अगर आपको काम आता है, तो मुंबई आपके लिए खुला है। इस मामले यशपाल शर्मा ने भी अपनी कहानी बताई। उन्होंने कहा, 'जब मुंबई आया, तो काफी मुश्किलें समाने आईं। कभी-कभी लगा कि छोड़कर वापस चला जाऊं। लेकिन काम मिलता रहा और मैं आगे बढ़ता रहा।'

वहीं, यशपाल शर्मा ने फ़िल्म को आज के माहौल के जरूरी बताया। उन्होंने कहा 'आज दुनिया की सबसे बड़ी समस्या है बिगड़ता पर्यावरण। बॉलीवुड इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। लोग पेड़ काट रहे हैं और हवा में धुंआ-धुंआ कर रहे हैं। यह एक गंभीर मुद्दा है, जिस पर पवन शर्मा फ़िल्म बना रहे हैं। वह मेरे फेवरेट डायरेक्टर हैं। उनके साथ इस फ़िल्म में काम करके काफी मज़ा आया।' 

Posted By: Rajat Singh

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