नई दिल्ली, जेएनएन। फूल और कांटे में एक लंबे बालों का नौजवान दो बाइकों पर सवार होकर आता है। इसके बाद बाइक की जगह कार आई, घोड़ा आया, लेकिन वो शख़्स रुका नहीं। आज शतक मारने के करीब खड़ा यह नौजवान कोई और नहीं बल्कि अजय देवगन हैं। अजय देवगन ने अपनी फ़िल्मी करियर के तीस साल पूरे कर लिए हैं। अगले साल आ रही 'तानाजी- द अनसंग वॉरियर' उनकी 100वीं फ़िल्म है। इन 100 फ़िल्मों में से हम उन पांच फ़िल्मों के बारे में बता रहे हैं, जो उन्हें इस सिने-दुनिया का नॉट- आउट खिलाड़ी बनाता है।

ज़ख़्म- अजय देवगन की यह पहली फ़िल्म थी, जिसने उनके अभिनय के दम को पर्दे पर पेश किया। इस फ़िल्म ने उन्हें एक्शन हीरो से इमोशनल एक्टर के तौर पर जमने में मदद की। साल 1998 में आई इस फ़िल्म को महेश भट्ट ने डायरेक्ट किया था। इस फ़िल्म के लिए अजय देवगन को बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड भी मिला। फ़िल्म में अजय देवगन के अपोजिट पूजा भट्ट ने काम किया था।

कंपनी- एक दौर में रामगोपाल वर्मा मुंबई के क्राइम को पर्दे पर उतारने का काम कर रहे थे। इस समय उन्होंने अजय देवगन को लेकर कंपनी जैसी फ़िल्म बनाई। साल 2003 में आई इस फ़िल्म में अजय देवगन का ग्रे शेड रोल था। इसके लिए उन्हें फिल्मफेयर का बेस्ट एक्टर (क्रिटिक) अवॉर्ड मिला था।

गंगाजल- प्रकाश झा ने अपने करियर में कई शानदार फ़िल्में बनाईं। इनमें दो बेहतरीन फ़िल्में अजय देवगन के कोटे में भी आईं। पहली थी गंगाजल और दूसरी अपहरण। साल 2003 में गंगाजल को सोशल इश्यू बेस्ड फ़िल्म कैटेगरी में बेस्ट फ़िल्म का नेशनल अवॉर्ड मिला। ये फ़िल्म अजय देवगन के करियर के लिए माइलस्टोन है।

खाकी- नायक के रूप में अजय देवगन जितने शानदार हैं, तो विलेन के रूप में उतने ख़तरनाक। साल 2004 में आई राजकुमार संतोषी की फ़िल्म ख़ाकी में अजय देवगन नेगेटिव किरदार में थे। उनके सामने अमिताभ बच्चन और अक्षय कुमार जैसे हीरो थे। बतौर विलेन अजय ने अपनी बेहतरीन छाप छोड़ी।

सिंघम- साल 2011 में अजय देवगन ने रोहित शेट्टी स्टाइल में एक्शन भी किया। सिंघम फ़िल्म ने ना सिर्फ लोगों को हंसाया, बल्कि उसका एक्शन भी काफी शानदार रहा है। बतौर एक्शन हीरो अपनी शुरुआत करने वाले अजय देवगन की बेस्ट एक्शन फ़िल्मों में से एक है।

Posted By: Rajat Singh

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