मुंबई। सुप्रीम कोर्ट ने मलयालम फिल्म अभिनेत्री प्रिया प्रकाश वारियर के ख़िलाफ़ पुलिस में दर्ज़ मामले (एफआईआर) को खारिज़ करने के साथ याचिकाकर्ताओं के ख़िलाफ़ कड़ी टिपण्णी की है।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिसरा ने मुकीथ खान और ज़हीर उद्दीन अली खान की तरफ़ से भावनाओं को ठेस पहुँचाने का आरोप लगाते हुए याचिका दाखिल की थी। मुख्य न्यायाधीश ने सुनवाई के दौरान कहा कि फिल्म में किसी ने गाना गा दिया तो आपके पास कोई काम नहीं है, जो केस फ़ाइल कर दिया। अदालत ने कहा कि प्रिया पर किसी तरह का कोई आरोप नहीं बनता ही इसलिए ये मामला खारिज़ किया जाता है। शिकायत में कहा था था कि आंख मारने को इस्लाम में अनुमति नहीं है लेकिन इस पर कोर्ट ने कहा कि ये सिर्फ एक गाना है । साथ ही अदालत ने इस फिल्म के निर्माता और निर्देशक के ख़िलाफ़ की गई एफआईआर को भी रद्द कर दिया।

दरअसल हैदराबाद पुलिस ने प्रिया के ख़िलाफ़ शिकायत को स्वीकार करते हुए केस फ़ाइल किया था। इसमें ये आरोप लगाया गया था कि प्रिया ने मलयालम फिल्म ओरु अदार लव (Oru Adaar Love) के एक गाने में जानबूझ कर ऐसी हरकत (आंख मारना) की जिससे लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। इस पर प्रिया के तरफ़ से अदालत में याचिका दाखिल की गई थी जिसमें कहा गया था कि शिकायतकर्ताओं ने गाने के मर्म को गलत समझ लिया। उन्होंने बताया कि ये एक पारंपरिक गाना है जिसे उत्तर केरल के मालाबार इलाके में मुस्लिम समुदाय के लोग गाते हैं। इस साल फरवरी में तब तहलका मच गया जब प्रिया पर फिल्माए गए गाने ‘माणिक्य मलराय पूवी...’ रिलीज़ किया गया था। स्कूल स्टूडेंट्स के बीच प्यार की कहानी पर बनी इस फिल्म का संगीत शान रहमान ने दिया और गाने को विनीत श्रीनिवासन ने गाया । गाना जैसे ही इंटरनेट पर जारी हुआ लोग प्रिया प्रकाश की अदाओं पर फ़िदा होने लगे।

केरल के त्रिचूर के विमला कॉलेज में बी कॉम की पढ़ाई कर रही प्रिया प्रकाश इतनी जल्दी देश-विदेश में लोकप्रिय हो गई कि इन्हें नेशनल क्रश ऑफ इंडिया कहा जाने लगा। बाद में इसको लेकर इंटरनेट पर उटपटांग हरकतें भी शुरू हो गई हैं। इस वीडियो को सात करोड़ से अधिक बार देखा गया।

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Posted By: Manoj Khadilkar