प्रियंका सिंह ,जेएनएन। लॉकडाउन के दौरान भी अभिनेता रोहित रॉय काम कर रहे थे। पांच कहानियों से बना शो लॉकडाउन रिश्ते हाल ही में एमएक्स प्लेयर पर रिलीज हुआ है। वहीं रोहित ने संजय गुप्ता की फिल्म मुंबई सागा की शूटिंग और डबिंग भी खत्म कर ली है। पढ़िए उनसे बातचीत के कुछ अंश...

सवाल : क्रिएटिव इंसान खाली नहीं बैठ सकता है। क्या यही वजह है कि लॉकडाउन में भी आप शूटिंग कर रहे थे?

- क्रिएटिव इंसान की रचनात्मकता किसी न किसी रूप में बाहर आती ही है। मैंने इस वक्त का इस्तेमाल सही तरीके से किया है। लॉकडाउन रिश्ते लॉकडाउन के दौरान मेरा पहला प्रोजेक्ट था। हम सब ने अपने-अपने घरों से शूट किया था। मैंने और मेरी पत्नी मानसी ने इस दौरान लॉक्ड इन लव प्रोजेक्ट शूट किया, जिसमें पांच शॉर्ट कहानियां थीं। बाहर नहीं जाना था, दिमाग तेजी से चल रहा था।  

सवाल : घर पर एक्टिंग के निर्देश किससे मिल रहे थे? 

- मेरी पत्नी मानसी से बहुत डांट पड़ी। फोन वाला कैमरा उन्होंने ही संभाल रखा था। मानसी खुद थिएटर एक्टर हैं। कई बार जब पत्नी निर्देश देती है तो डांट भी सुननी पड़ती है। 

सवाल : शूटआउट एट लोखंडवाला और काबिल जैसी फिल्मों के बाद दो साल तक आपने फिल्में नहीं की? 

- पता नहीं बड़ी फिल्में करने के बाद भी मुझे फिल्में आसानी से नहीं मिलती हैं। शूटआउट एट लोखंडवाला में हर किसी ने यही कहा था कि माया डोलस के किरदार के बाद मेरा फट्टू का किरदार याद रह गया। काबिल में मेरा निगेटिव किरदार लोगों को पसंद आया था। कई बार मैं दुखी हो जाता हूं। कोशिश जारी है। फिल्म मुंबई सागा के लिए मैं डबिंग खत्म कर चुका हूं। उसमें भी मेरा किरदारााकी किरदारों से अलग होगा। 

सवाल : आपने कुछ दिनों पहले दो तस्वीरें इंस्टाग्राम पर साझा की थी। जिसमें से एक 25 साल पुरानी तस्वीर है।

दूसरी अभी की है, जिसमें आप सफेदी (वाइटनर) बालों पर लगाकार बुजुर्ग बने हुए हैं। दोनों तस्वीरों की क्या कहानी है? 

- जो 25 साल पुरानी तस्वीर है उसने मुझे लॉन्च किया था। रमेश सिप्पी जी की बेटी शीना सिप्पी ने मेरा पहला र्टफोलियो बनाया था। मैं अहमदाबाद से आया था, मुझे बिल्कुल पता नहीं था कि कैमरे पर कहां देखना है। उस तस्वीर की वजह से मुझे स्वाभिमान धारावाहिक मिला था। बुजुर्ग वाला किरदार मेरे नाटक अनफेथफुली योर्स का है, जो मैं और मोना सिंह दस वर्षों से कर रहे हैं। थिएटर में जो संतुष्टि है, वह टीवी, वेब और फिल्मों में नहीं हैं। 

सवाल : लॉकडाउन में आपकी सबसे बड़ी चुनौतियां क्या रहीं?

- बस, यही कि हम पूरी दुनिया से कट गए थे। मैं 25 साल से जो इस इंडस्ट्री में बिना शाह रुख खान बने टिका हूं, उस दायरे में मैं बहुत खुश हूं। मेरे लिए चुनौती सिर्फ कोविड से खुद और अपने परिवार को बचाने की थी। मेरी माताजी 77 साल की हैं, बेटी है। मैं दो महीने दुबई में एक वेबसीरीज की शूटिंग करके भी आया था। एक डर हमेशा बना रहता है। 

सवाल : काम मिलेगा या नहीं, इसे लेकर कभी कोई डर मन में रहा? 

- हां, भूला दिए जाने का डर सबसे ज्यादा कलाकारों में होता है। परिवार के खर्च जितने कल थे, उतने आज भी हैं। हमारे क्षेत्र में यह डर ज्यादा है, क्योंकि हमारी लाइफस्टाइल कम नहीं हो सकती है। इससे दर्शकों को कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन हमें ये डर बना रहता है। 

सवाल : क्या इसकी वजह से जीवन में कभी कोई प्लान बी रहा है? 

- मुझे लगता है कि प्लान बी कभी नहीं होना चाहिए। जैसे ही आप प्लान बी बनाते हैं, प्लान ए थोड़ा ढीला हो जाता है। आप असफलता के लिए तैयार होकर चलने लगते हैं। मैं अपना एमबीए करने के लिए अमेरिका जाने वाला था, लेकिन वीजा नहीं मिला। तब प्लान बी होता तो आज किसी ऑफिस में काम कर रहा होता। प्लान बी नहीं था इसलिए एक्टर बन गया।

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