मुंबई। 'हेलीकॉप्टर ईला' से काजोल बड़े पर्दे पर लौट रही हैं, लेकिन इस बार उनका किरादर थोड़ा अलग है, क्योंकि वो एक कॉलेज जाने वाले किशोर की सिंगल मदर का रोल निभा रही हैं। वैसे तो काजोल रियल लाइफ़ में दो बच्चों की मां हैं, लेकिन उनका फ़िल्मी बेटा उम्र में बड़ा है।

बेटे का किरदार रिद्धि सेन निभा रहे हैं, जो बेस्टर एक्टर का नेशनल अवॉर्ड जीत चुके हैं। इस फ़िल्म को प्रदीप सरकार ने डायरेक्ट किया है, जबकि अजय देवगन इसके निर्माता हैं। काजोल का किरदार 22 साल बाद अपनी पढ़ाई जारी करता है और अपने बेटे के ही स्कूल में एडमिशन लेता है। यहीं से फ़िल्म में नाटकीय मोड़ आते हैं।काजोल तीन साल के बाद इस फ़िल्म के ज़रिए स्क्रीन पर लौटेंगी। उनकी पिछली स्क्रीन प्रेज़ेंस 'दिलवाले' है, जो 2015 में आयी थी।

बॉलीवुड में सिंगल मदर के किरदार पर्दे पर पहले भी आते रहे हैं। हिंदी सिनेमा की ऑल टाइम क्लासिक 'मदर इंडिया' इस जॉनर की नायाब मिसाल है, जिसमें क़र्ज़ में डूबी एक मां जीवनयापन के लिए अपने दो बच्चों के साथ खेती जैसा मुश्किल काम करती है और तमाम कठिनाइयों का सामना करके उन्हें बड़ा करती है। मगर वक़्त के साथ कहानियों की पृष्ठभूमि बदल जाती है।

आज समाज और सिनेमा जिस दौर से गुज़र रहा है, वहां अब 'मदर इंडिया' को 'सिंगल मॉम' कहा जाता है। पिछले कुछ वक़्त में ऐसी कई फ़िल्में आयी हैं, जिनमें सिंगल मदर्स ने पर्दे पर हीरो का किरदार निभाया है। ख़ुद काजोल अपनी 2009 की फ़िल्म में दो बच्चों की मां के रोल में थीं, जो आत्मनिर्भर होती है। करण जौहर निर्देशित फ़िल्म में शाह रुख़ ख़ान ने मुख्य भूमिका निभायी थी।

2015 में ऐश्वर्या राय बच्चन ने लंबे गैप के बाद पर्दे पर 'जज़्बा' से वापसी की। इस एक्शन-थ्रिलर फ़िल्म में ऐश एक लॉयर के रोल में थीं, जो सिंगल मदर भी होती है और अपनी किडनैप हुई बेटी को छुड़ाने के लिए संघर्ष करती है। इरफ़ान ख़ान ने ऐश्वर्या के साथ पैरेलल लीड रोल निभाया था। संजय गुप्ता निर्देशित फ़िल्म में शबाना आज़मी एक अहम रोल में दिखी थीं।

सिंगल मदर के किरदार को पर्दे पर विद्या बालन भी बखूबी उतार चुकी हैं। आर बाल्की निर्देशित 'पा' में विद्या अमिताभ बच्चन की मां के किरदार में थीं, जो 13 साल के ऑरो के किरदार में थे और जिसे प्रोजेरिया नाम की बीमारी होती है। अभिषेक बच्चन इस फ़िल्म में ऑरो के पिता बने थे। विद्या का किरदार, अभिषेक से सेपरेट हो जाता है और वो अकेले ही ऑरो की देखभाल करता है।

2007 में आयी 'आजा नच लै' से माधुरी दीक्षित ने एक बिन ब्याही सिंगल मॉम का किरदार निभाया था। इस फ़िल्म से माधुरी ने लंबे गैप के बाद पर्दे पर वापसी की थी। फ़िल्म में माधुरी के अलावा कोंकणासेन शर्मा, कुणाल कपूर, विनय पाठक और जुगल हंसराज ने सहयोगी किरदार निभाये थे।

'निल बटे सन्नाटा' में स्वरा भास्कर सिंग मॉम के किरदार में नज़र आयी थीं, जो निम्नवर्गीय तबके से है और जिसकी एक किशोरवय बेटी है। बेटी को अफ़सर बनाने का सपना देखने वाली स्वरा के जीवन में तब मोड़ आता है, जब वो ख़ुद उसी के स्कूल में दाख़िला ले लेती है। कुछ ऐसा ही 'हेलीकॉप्टर ईला' में भी दिखाया गया है। हालांकि दोनों फ़िल्मों में बस यही समानता है। 'निल बटे सन्नाटा' को अश्विनी अय्यर तिवारी ने निर्देशित किया था।

By Manoj Vashisth