प्रियंका सिंह, दीपेश पांडेय, जेएनएन। दीवाली का त्योहार फिल्मों में अब भले ही कम नजर आता हो, लेकिन पहले की फिल्मों में इसके आसपास कहानी को रच दिया जाता था। सिर्फ सीन ही नहीं, गानों में भी दीवाली उत्सव दिखाई देता था। बाकायदा उस सीन या गाने को फिल्माने के लिए योजनाएं बनाई जाती थीं। यहां तक की दीवाली गानों के लिए छह नए गायकों तक को चुना जाता था। पढें, पहले फिल्मों में कैसे रचे जाते थे दीवाले के सीन।

मल्टीस्टारर फिल्म 'मोहब्बतें’ में दीवाली के मौके को बैकग्राउंड की तरह 'पैरों में बंधन है...’ गाने में इस्तेमाल किया गया था। इस गाने में तीनों कपल अपनी लव स्टोरी को आगे बढ़ाते हैं। इस गाने के सिंगर ललित पंडित बताते हैं कि इसका संगीत बनाना मुश्किल था, क्योंकि इसमें तीन कपल्स की लव स्टोरी चल रही थी। शाह रुख खान और ऐश्वर्या राय के मुताबिक भी संगीत को बनाना था। इस गाने के लिए छह नए सिंगर पैम जी (यश चोपड़ा की पत्नी पामेला चोपड़ा) ने ऑडिशन से चुने थे। इस गाने के अंतरे तीन अलग-अलग तरीके के थे।

त्योहार के मूड के साथ जो कहानियां फिल्म में चल रही थीं, उनके बीच संतुलन बनाना था। इस गाने में भी जब ढोल लेकर शाह रुख आते हैं, उसमें भी इस फिल्म की मुख्य थीम 'जिंदा रहती हैं, उनकी मोहब्बतें...’ गाना जो कि वायलिन पर था, उसे भी लाना था। आदित्य चोपड़ा भी पिता यश चोपड़ा की तरह गानों में बेहद रुचि रखते हैं। इस फिल्म में भी होली और दीवाली दोनों के लिए जगह बनाई गई थी। गाना बनाते वक्त मुझे हर किरदार के बारे में लिखना पड़ता था कि गाने का अंतरा कहां से बदल जाएगा। पहले गाने का मुखड़ा बनाया गया था, फिर तीन अलग अंतरों को कंपोज किया गया था।

फ्रेम के बाहर भी दीवाली:

फिल्म 'जोश’ में चंद्रचूड़ सिंह और ऐश्वर्या राय के किरदार के बीच प्यार जगाने वाले सीन के लिए इस फिल्म के निर्देशक मंसूर खान ने दीवाली के त्योहार का ही सहारा लिया था। फिल्म की कहानी यूं तो गोवा में सेट की गई थी, लेकिन इसकी शूटिंग एक सेट पर की गई थी। चंद्रचूड़ बताते हैं कि मंसूर दादा बड़े फ्रेम में शूट करते हैं। इतने बड़े सेटअप को गोवा में शूट करना मुश्किल था, इसलिए हमने इस सीन को मुंबई में सेट पर फिल्माया था।

इस सीन का आर्ट डायरेक्शन कमाल का था। मंसूर दादा की डिटेलिंग बहुत कमाल की होती है। ऐसा नहीं है कि फ्रेम में जितनी दीवाली नजर आ रही है, उतनी ही मनाई जा रही थी। काफी दूर तक सेट पर दीवाली का मौहाल बनाया गया था ताकि कैमरा थोड़ा भी यहां-वहां घूमता तो त्योहार की जगमगाहट नजर आती।

'ओह माय गॉड’ के सेट पर दीवाली:

निर्देशक उमेश शुक्ला बताते हैं कि मैंने साल 2011 में परेश रावल और अक्षय कुमार अभिनीत फिल्म 'ओह माय गॉड’ के लिए दीवाली सीक्वेंस शूट किया था। इसमें भगवान पर मुकदमा दायर करने के बाद फिल्म का मुख्य किरदार कांजी लालजी मेहता (परेश रावल) को अकेले दीवाली मनानी पड़ती है, क्योंकि परिवार उसे छोड़कर चला जाता है। इसके बाद भगवान का किरदार निभा रहे अक्षय कुमार दीवाली के दिन कांजी के परिवार को घर लेकर आते हैं। इस सीन को हमने मुंबई में दादर और माटुंगा के बीच एक चौल में शूट किया था।

तब मई महीना चल रहा था। पूरी चौल को सजाया था। इससे वहां का पूरा माहौल दीवाली जैसा ही हो गया था। मैंने पूरी चौल में पटाखे बांटे थे। उस दिन हम सब सेट पर नए कपड़े पहन कर आए, जिससे सेट का माहौल पूरा दीवाली जैसा ही लग रहा था। हमने सेट पर लक्ष्मी पूजन किया और मिठाइयां भी बांटी। वहां उपस्थित सभी लोगों ने एकदूसरे को शुभकामनाएं दीं। कई लोगों ने मुझसे कहा कि आपने हमें एक साल में दो-दो बार दीवाली मनाने का मौका दिया। मेरे लिए वह यादगार दीवाली है।

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