नई दिल्ली, जेएनएन। कई कलाकारों को आपने कैमरे के सामने एक्टिंग करते देखा होगा, कुछ कलाकारों को आप थियेटर में मंच पर अभिनय करते हुए देखते होंगे। लेकिन, कुछ कलाकार ऐसे भी होते हैं, जो सड़क पर खड़े होकर बिना मंच और कैमरे के अभिनय करते हुए लोगों को जागरूक करने का काम करते हैं, जिसे नुक्कड़ नाटक कहा जाता है। ऐसा ही कुछ करते हैं मध्यप्रदेश भोपाल के रहने वाले विपुल सिंह, जो किसी एक शहर या राज्य में नहीं... बल्कि पूरे देश में घूम घूमकर नुक्कड़ नाटक करते हैं और लोगों को जागरूक करते हैं।

विपुल सिंह अभी तक 100 से ज्यादा सामाजिक मुद्दों पर 1000 से ज्यादा नुक्कड़ नाटक कर चुके हैं, जो पूरी दुनिया में किसी भी एक शख्स द्वारा किए गए सबसे ज्यादा नाटक हैं। उनके इस कारनामे के लिए उनका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल भी किया गया है। वे लगातार मानव तस्करी से लेकर घरेलू हिंसा, पर्यावरण और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर काम कर चुके हैं और नुक्कड़ नाटक व अन्य एक्टिविटी के जरिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं। साथ ही टीम ने गुरुग्राम में हजारों पौधे भी लगाए।

उन्होंने अब संगठन का निर्माण भी किया है, जिसका नाम तपस है। तपस और उसकी टीम सरकारी विभाग, गैर सरकारी संगठन और अन्य के सहयोग से जमीनी स्तर पर नुक्कड़ नाटक, कार्यशाला आदि के माध्यम से जागरूकता के लिए सामाजिक सुधार अभियान का काम कर रहे हैं। उनकी टीम में एलिज़ा अंजुम, स्नेहदिप बिसवास, केतु वेलानी, साहिल सिहाग भी हैं और यह टीम बिना किसा लाभ के लगातार जागरूकता का काम कर रही है। इस टीम के साथ उनके साथ 60 लोग जुड़े हैं, जो उनके साथ काम कर रहे हैं।

विपुल ने अपनी टीम के साथ उत्तर प्रदेश के जौनपुर और वाराणसी में शिक्षा पर, महाराष्ट के कई जिलों में पानी, कोलकाता से दिल्ली तक मानव तस्करी, मध्यप्रदेश के गांवों में लोगों की समस्या के लिए काम किया है। वैसे विपुल अभी तक 23 राज्यों में नुक्कड़ नाटक कर चुके हैं और अभी मास्टर्स इन सोशल वर्क की पढ़ाई कर रहे हैं। विपुल ने एक बार भोपाल से जम्मू और कोलकाता से दिल्ली तक पैदल यात्रा की थी और वहां नुक्कड़ नाटक किए थे। इसके साथ ही उन्होंने नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी की भारत-यात्रा, यूनिसेफ आदि के साथ भी काम किया है। 

Edited By: Mohit Pareek