मुंबई। बहुत ही कम एक्टर्स ऐसे होते हैं जो अपने करियर में वो सबकुछ करते हैं जो उन्हें ऑल राउंडर बनाता है। यह एक्टर हर जौनर में अपनी एक्टिंग का ऐसा बेहतरीन परफॉरमेंस देता है जिसे ना कि सिर्फ आम जनता पसंद करती है बल्कि क्रिटिक्स भी उसे बहुत सराहते हैं। और सबसे ज्यादा दुःख तब होता है जब ऐसी कोई पर्सनालिटी सिनेमा और दुनिया से हमेशा हमेशा के लिए दूर हो जाता है। ऐसी ही एक शख्स़ थीं बॉलीवुड की लेजेंड्री एक्ट्रेस श्रीदेवी!

'लेजेंड्री', यह शब्द हर किसी के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता, कुछ बातें हैं जो श्रीदेवी को 'लेजेंड' बनाती हैं। ऐसी कोई चीज़ नहीं थी जो श्रीदेवी को नहीं आती थीं। बॉलीवुड फ़िल्मों में अपने करियर की शुरुआत में उनकी हिंदी भाषा बेहद कमज़ोर थी मगर, उन्होंने कभी हार नहीं मानी और धीरे-धीरे ना कि सिर्फ हिंदी सीखी बल्कि हिंदी सिनेमा में अपने काम का सिक्का भी ज़ोरों से उछाला। 

यह भी पढ़ें: श्रीदेवी के निधन के बाद सिर्फ इस वजह से अर्जुन कपूर आये जाहन्वी-खुशी के साथ

भाषाओं की बात की जाए तो श्रीदेवी ने तमिल, तेलगू, मलयालम, कन्नड़ और हिंदी सभी भाषी फ़िल्मों में काम किया है। तेलगू फ़िल्म 'Kshana Kshanam' के लिए उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस के कई अवार्ड्स मिले। तेलगू फ़िल्म 'Meendum Kokila' ने श्रीदेवी को साउथ इंडस्ट्री की टॉप एक्ट्रेस बना दिया था। इस फ़िल्म के लिए भी उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड मिला था। साल 1980-1990 के दौरान श्रीदेवी बॉलीवुड इंडस्ट्री की हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस थीं। 

बात की जाए जौनर की तो इसमें भी श्रीदेवी ने महारथ हासिल की थी। फ़िल्म कॉमेडी हो या एक्शन, ड्रामा... श्रीदेवी ने हर जौनर में बेहतरीन काम किया। अभिनेत्रियों को कॉमेडी करते हुए हम आज भी बहुत कम देखते हैं मगर, श्रीदेवी के सहकर्मियों का कहना था कि उनकी कॉमेडी टाइमिंग कमाल की थी और उसे मैच करना काफी मुश्किल हो जाता था। 'चालबाज़', 'मिस्टर इंडिया', 'रूप की रानी चोरों का राजा' जैसी फ़िल्मों में श्रीदेवी की कॉमेडी ने लोगों को खूब एंटरटेन किया। इनकी कमर्शियलि सक्सेस फ़िल्मों में शामिल है, 'मवाली', 'तोहफा', 'क़दम', 'मक़सद'...! 'चांदनी' और 'लम्हें' जैसी फ़िल्मों में श्रीदेवी ने यह भी बताया कि वो रोमांटिक फ़िल्में भी बखूबी से कर सकती हैं। श्रीदेवी की 'इंग्लिश-विन्ग्लिश' जैसी इंस्पायरिंग और 'मॉम' जैसी थ्रिलर फ़िल्में तो लोगों के ज़हन में हमेशा रहेगी। 

एक और बात जो श्रीदेवी को ऑल राउंडर बनाती है, वो है उनकी डांसिंग स्किल! 'हवा हवाई..' से लेकर 'काटे नहीं कटते दिन ये रात..' और 'मेरे हाथों में नौ नौ चूड़ियां..' तक श्रीदेवी ने अपनी डांसिंग स्किल्स से सभी को अपना दीवाना बनाया हुआ था। कहा जाता है कि श्रीदेवी डांस सीखने में भी माहिर थीं और इन्हें डांस सीखाने में कोरियोग्राफर्स को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती थी।

ऑल राउंडर श्रीदेवी ने अपने अभिनय का जादू सिर्फ बड़े पर्दे पर नहीं बल्कि छोटे पर्दे पर भी फैलाया था। श्रीदेवी ने साल 2004 में कॉमेडी ड्रामा शो 'मालिनी अईय्यर' में भी काम किया था जिसे सतीश कौशिक ने डायरेक्ट किया था और इसमें श्रीदेवी की ओपोज़िट महेश ठाकुर दिखाई दिए थे। इस शो को उनके पति बोनी कपूर ने ही प्रोड्यूस किया था।

यह भी पढ़ें: श्रीदेवी है राजकुमार राव के अधूरे सपने का हिस्सा, सलमान, शाह रुख़, अक्षय ने तो कर लिया पूरा

फैशन इंडस्ट्री में भी श्रीदेवी का बोल-बाला था। 54 की उम्र में भी श्रीदेवी ने अपने आपको पूरी तरह मेन्टेन किया हुआ था। वेस्टर्न हो या इंडियन वो हर ऑउटफिट को बड़े ही स्टाइलिश तरीक़े से कैरी करती थीं। रैम्प हो या कोई रेड कारपेट, जब श्रीदेवी पहुंचती थीं तो सबकी निगाहें उनपर टिक जाती थीं।

तरह तरह की भाषा, हर जौनर की फ़िल्में, डांस में अव्वल, टीवी जगत में इनका योगदान, फैशन इंडस्ट्री की क्वीन... सोचिए, क्या नहीं आता था श्रीदेवी को!

Posted By: Shikha Sharma

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस