'धुनुची डांस के दौरान जलता कोयला...', The Revolutionaries के लिए Pratibha Ranta ने की थी खास तैयारियां
प्रतिभा रांटा 'द रिवोल्यूशनरीज' में क्रांतिकारी प्रतिभा सान्याल की भूमिका निभा रही हैं, जिसमें उन्हें धुनुची डांस करने का अवसर ...और पढ़ें

'द रिवोल्यूशनरीज' में क्रांतिकारी बनीं प्रतिभा रांटा/ फोटो- इंस्टाग्राम
HighLights
'द रिवोल्यूशनरीज' में 'क्रांतिकारी प्रतिभा' बनीं एक्ट्रेस
प्रतिभा रांटा ने बताई लड़कियों के लिए क्या है क्रांति की परिभाषा
धुनुची डांस के लिए की कड़ी मेहनत
स्मिता श्रीवास्तव, मुंबई। ‘हीरामंडी’ और ‘लापता लेडीज’ के बाद प्रतिभा रांटा अब ‘द रिवोल्यूशनरीज’ के जरिए एक ऐतिहासिक किरदार निभाने जा रही हैं। शो में वह क्रांतिकारी प्रतिभा सान्याल की भूमिका में नजर आएंगी।
नाम की समानता से शुरू हुआ यह कनेक्शन क्या वाकई उनके व्यक्तित्व और किरदार के बीच भी नजर आता है?
जवाब में प्रतिभा कहती हैं कि बहुत सारी समानताएं हैं। जिस तरह वो सोचती है, व्यवहार करती है, जिन चीजों के लिए वह खड़ी होती हैं वह किरदार आज के समय में प्रासंगिक और हमसे जुड़ा हुआ महसूस होता है। वह दो तरह से लड़ रही है। एक तो वो अपने हक के लिए लड़ रही है दूसरा ब्रिटिश शासन के खिलाफ। मैं यही बोलूंगी कि उससे बहुत जुड़ाव महसूस होता है जो उसकी अप्रोज है जिस तरह से अपनी बात रख रही है। मैं भी अपनी बात खुलकर रखती हूं।

धुनुची डांस करने के लिए की जी-तोड़ मेहनत
शो में प्रतिभा को धुनुची डांस करने का अवसर भी मिला है। इसे करने को लेकर वह कहती हैं कि हमने इसके लिए बहुत प्रैक्टिस की थी। दरअसल, यह काफी मुश्किल था, क्योंकि धुनुची बहुत भारी होती है। हम मड (मुंबई का इलाका) में शूटिंग कर रहे थे और वहां बहुत गर्मी भी थी। ऐसे में इतनी देर तक डांस करना अपने आप में काफी मुश्किल था।
इसकी खास बात यही है कि इसमें असली कोयला होता है, इसलिए यह बहुत गर्म और भारी होता है। कई बार ऐसा भी हुआ कि रोहित सर्राफ और मैं डांस करते-करते एक-दूसरे से टकरा गए और धुनुची टूट गई। कभी कोयला मुझ पर आ गिरता था।

'क्रांति खुद के अंदर से शुरु होती है'
वहीं अपने लिए ‘क्रांति’ की परिभाषा बताते हुए प्रतिभा कहती हैं कि मुझे लगता है कि क्रांति सबसे पहले आपके भीतर से शुरू होती है। आप अपने मूल्यों को किस तरह दोबारा परखते हैं और अपनी सोच, अपने फैसलों और अपने रुख को किस तरह समझते हैं, यह बहुत महत्वपूर्ण है। खासकर लड़कियों के लिए अपनी जिंदगी पर खुद का अधिकार और निर्णय लेने की स्वतंत्रता आज के समय में बहुत बड़ी बात है।
उन्होंने आगे कहा, "साहस तो हम सभी जुटा लेते हैं, लेकिन अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेने की स्वतंत्रता हासिल करना और उस पर अमल करना मैं इसे बहुत बड़ी क्रांति मानती हूं। मैं अपने आसपास जिस तरह की महिलाओं को आगे बढ़ते हुए देख रही हूं, अपने भविष्य के बारे में सोचते हुए, अपने परिवार के सामने अपनी बात रखते हुए और जरूरत पड़ने पर ‘न’ कहते हुए, वह अपने आप में एक बड़ा बदलाव है।

हम ऐसी पीढ़ी हैं, जिसने अपने सामने बहुत खूबसूरत बदलाव होते हुए देखे हैं। जब मैं अपनी मां से उनकी कहानियां सुनती हूं, तो वह बताती हैं कि उनके समय में 20 साल की उम्र तक शादी कर लेना जैसे तय माना जाता था। लेकिन आज मेरे साथ ऐसी बातचीत तक नहीं होती। मेरे लिए यह अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है और एक बहुत बड़ा बदलाव है।
