Jannat के बाद मिला स्टारडम, फेवरटिज्म के चक्कर में हाथ से गईं फिल्में... Sonal Chauhan का छलका दर्द
जन्नत के बाद सोनल चौहान (Sonal Chauhan) को फिल्मों में ज्यादा मौके नहीं मिले। अब एक्ट्रेस का कहना है कि फेवरटिज्म के चलते उन्हें इंडस्ट्री में काफी मुश्किल हुई।

सोनल चौहान के हाथ से छिन गई थीं फिल्में। फोटो क्रेडिट- इंस्टाग्राम
HighLights
'जन्नत' की सफलता के बाद सोनल से हुईं गलतियां
फेवरटिज्म के चलते सोनल के हाथ से गईं फिल्में
मिर्जापुर द मूवी की वजह से फिर से मिली राह
जागरण न्यूज नेटवर्क, मुंबई। अपनी गलतियों से सीखना अच्छी बात होती है। जन्नत (Jannat) और मिर्जापुर: द मूवी (Mirzapur: The Movie) फिल्मों की अभिनेत्री सोनल चौहान (Sonal Chauhan) ने भी कुछ गलतियां की हैं।
अगर मौका मिले तो उन्हें वह ठीक करना चाहेंगी। हालांकि, उन गलतियों ने उन्हें सिखाया भी है।
जन्नत के बाद हुईं गलतियां
साल 2008 में रिलीज हुई फिल्म जन्नत के दौर की यादें ताजा करते हुए सोनल कहती हैं कि जब फिल्म रिलीज हुई और हिट हुई, तब मैं बहुत कम उम्र की थी। मुझे इस इंडस्ट्री के बारे में कुछ खास पता नहीं था, कोई अनुभव भी नहीं था कि इंडस्ट्री कैसे काम करती है।
फिल्म जन्नत का जो प्रभाव दर्शकों पर रहा, उसका एहसास तक नहीं था। अगर दोबारा पीछे जाकर कुछ चीजें सही करने का मौका मिलेगा तो मैं अपनी उस गलती को सही करूंगी, जो मैंने उस हिट फिल्म के बाद की। मुझे लोगों से काम के लिए मिलना चाहिए था, ज्यादा काम करना चाहिए था, लेकिन मैंने वो सब नहीं किया।

फिल्मों के लिए तरसीं एक्ट्रेस
सोनल चौहान ने बताया कि ऑडिशन के बाद भी उन्हें रिजेक्शन मिला। उन्होंने कहा, "कई बार ऑडिशन देती थी, फोन आता था कि शॉर्टलिस्ट कर लिया गया है, निर्देशक को काम पसंद आ गया है, लेकिन फिर पता नहीं क्या होता था कि वह काम नहीं मिलता था। कई बार लगता था कि कम से कम मौका तो दो खुद को साबित करने का।"
फेवरटिज्म के चलते खोईं कई फिल्में
सोनल चौहान ने आगे बताया, "हर कलाकार मेरी इस बात से सहमत होगा कि इस इंडस्ट्री में फेवरेटिज्म (पक्षपात) बहुत होता है। उसकी वजह से मैंने कई प्रोजेक्ट खोए हैं। हालांकि, मैं खुश हूं कि मिर्जापुर फिल्म की टीम ने भरोसा जताया। मैं अलग काम करना चाहती थी, लेकिन इंडस्ट्री ने काफी समय तक मुझ पर वह भरोसा नहीं किया। मिर्जापुर: द मूवी की सफलता के पहले तक किसी ने यकीन नहीं किया था, पर अब उनके नजरिए में बदलाव आया है।"
