अनुप्रिया वर्मा, मुंबई. सलमान खान और आमिर खान की फिल्म अंदाज अपना अपना ने हाल ही में 30 साल पूरे किये. यह एक मात्र फिल्म में है,जिसमें आमिर खान और सलमान खान ने एक साथ काम किया है. इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि इस फिल्म में सलमान खान और आमिर खान को जितनी लोकप्रियता मिली, उतनी ही लोकप्रियता फिल्म के बाकी के कलाकारों को भी खूब मिली.

जब आमिर सलमान साथ आये 

ऐसे में जागरण डॉट कॉम ने जब इसे लेकर फिल्म के निर्माता विनय सिन्हा से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि यह उनके लिए हमेशा यादगार मौका रहेगा, जब वह इस फिल्म के लिए सलमान और आमिर को एक साथ लेकर आ पाए. उनका कहना है कि यह अब भी सबसे अधिक पसंद की जा रही फिल्मों में से एक है. वह बताते हैं कि जब फिल्म की शूटिंग होती थी और वह बच्चों को लेकर वहां पहुंचते थे तो बच्चों का हँसते-हँसते बुरा हाल हो जाता था. इस बारे में पुछे जाने पर कि क्या फिल्म में सलमान और आमिर को लेकर अनबन थी. वह कहते हैं कि उन्होंने कभी कोई परेशानी दोनों स्टार्स की तरफ से कभी भी फेस नहीं किया, बल्कि सभी ने काफी अच्छी तरह से फिल्म की शूटिंग को पूरा किया था. साथ ही फिल्म को न सिर्फ भारत में बल्कि विदेशों में भी काफी लोकप्रियता हासिल की थी. यह उस दौर की ऐसी फिल्मों में से एक थी, जिसे हर वर्ग के दर्शकों ने पसंद किया था.

सलमान के साथ ब्रांदा की मस्ती

विनय सिन्हा के अलावा जागरण डॉट कॉम ने फिल्म में भल्ला का किरदार निभाने वाले शहजाद खान से भी फिल्म के बारे में काफी बातें की, तो उन्होंने बताया कि इस फिल्म से जुड़ी कई यादों में एक बात खास है कि इसमें उन्हें सलमान खान के साथ काम करने का मौका मिला, जो कि उनके बचपन के दोस्त हैं और दोनों ने बांद्रा इलाके में काफी मस्ती भी की है.

वह बताते हैं कि हाल ही में जब वह सलमान खान के साथ फिर से भारत में शूटिंग कर रहे हैं. तो वह महसूस कर रहे हैं कि कुछ भी नहीं बदला है. आज भी सलमान खान पहले जैसे ही हैं. बच्चे जैसा ही उनका दिल है. भारत में शहजाद, कटरीना कैफ के बॉस का किरदार निभा रहे हैं. शहजाद कहते हैं कि उनके पिता अजीत ( अपने जमाने के मशहूर अभिनेता और खलनायक) और सलमान खान के पिता सलीम खान बहुत स्ट्रिक्ट थे और दोनों को ही बचपन में अपनी मनमानी नहीं करने दी जाती थी. फिर भी दोनों काफी मस्त कर लेते थे और फिर दोनों ने साथ में पहली बार अंदाज अपना अपना में काम किया था, जिसमें उनके किरदार को भी काफी लोकप्रियता मिली. सलमान खान से अपनी दोस्ती के बारे में वह कहते हैं कि वह सलमान के साथ शाम में कई बार बांद्रा में अड्डाबाजी भी करते थे और खूब गप्पे मारा करते थे. ड्राइविंग पर भी जाते थे और दोनों के ही पिता अपनी कार छूने भी नहीं देते थे.

फिल्म बनने में लगे कई साल

शहजाद कहते हैं कि केवल आमिर ही उस फिल्म में ऐसे थे, जो एक फिल्म कर रहे थे. बाकी सारे कलाकारों ने कई सारी फिल्में करनी शुरू कर दी थी. चूंकि उस फिल्म को बनने में कई साल लग गये थे. तो सारे कलाकार अलग-अलग फिल्में करने लगे थे. यही वजह है कि सलमान के बाल बढ़े नजर आते हैं, क्योंकि वह उस फिल्म की रिलीज के समय ही साजन की शूटिंग करने लगे थे.

शहजाद का मानना है कि फिल्म में सलमान और आमिर के अलावा हर किसी के किरदार को काफी पसंद किया था. कई अड़चने आती गयीं. लेकिन अंतत: फिल्म बन कर तैयार हुई और आज भी उसे देखना पसंद करते हैं. उस वक्त परेश रावल सबसे व्यस्त कलाकार थे और चूंकि फिल्म की शूटिंग अवधि बढ़ती जाती थी. वह भी फ्री नहीं होते थे. उनके डेट्स की भी काफी परेशानी हो जाती थी. इसी फिल्म के दौरान परेश को किसी और फिल्म की शूटिंग के दौरान पैर में चोट भी आयी थी, तो कुछ दृश्य में उन्होंने इसके बाद शूटिंग पूरी की थी.

भल्ला के किरदार का अजीत कनेक्शन, खलनायक जो सख्त पिता भी थे

शहजाद बताते हैं कि उन्हें फिल्म के निर्देशक राजकुमार संतोषी ने बोला था कि उन्हें फिल्म में भल्ला के किरदार के लिए कास्ट करते हुए यही कहा था कि उन्हें फिल्म में उनके पिता अजीत की आवाज निकालनी होगी. शहजाद कहते हैं कि वह तैयार तो हो गये थे. लेकिन उनके पिता बहुत नाराज हुए थे.चूंकि उन्हें लगा था कि इससे शहजाद का नुकसान ही होगा. लोग उन्हें उनके पिता की कॉपी समझेंगे. शहजाद बताते हैं कि उनके पिता अजीत बहुत ही अधिक गंभीर और स्ट्रिक्ट फादर थे और उन्होंने शहजाद को साफ-साफ कह दिया था कि वह उनके एक्टिंग करियर के लिए और किसी से भी उन्हें अपनी फिल्मों में लेने के लिए नहीं कहने वाले हैं.साथ ही अजीत बिल्कुल भी नहीं चाहते थे कि उनके बेटे की तुलना उनसे हो.

शहजाद बताते हैं कि अपनी पहली फिल्म कयामत से कयामत तक के लिए जब वह कास्ट हुए थे और शूटिंग के लिए पंचगनी जा रहे थे, तो उन्होंने अजीत को कहा था कि दोस्त की शादी में जा रहे हैं. फिल्म की रिलीज के बाद उन्हें पता चला था कि वह फिल्म में काम कर रहे हैं. वह कहते हैं कि अजीत ने कभी पॉकेट मनी उन्हें अधिक नहीं दी थी. न ही उन्होंने कभी उन्हें स्टार सन जैसा भाव दिया था. उनका पूरा फोकस था कि उनके बच्चे फिल्मों में न आयें. वह कहते हैं कि स्कूल में कई बार उन्हें बच्चे चिढ़ाते भी थे कि उनके पापा कितने खतरनाक हैं.

अजीत के बारे में शहजाद कहते हैं कि उन्हें हैदराबाद से बहुत प्रेम था. इसलिए वह हमेशा हैदराबाद आते जाते रहते थे और हमेशा अपनी जन्मभूमि के लिए वह कुछ न कुछ करते रहना चाहते थे. शहजाद ने यह भी बताया िक अजीत की गुडविल इंडस्ट्री में हमेशा अच्छी रही थी.

सीन जो नहीं रहे फिल्म में

शहजाद मानते हैं कि अंदाज अपना अपना में कई फिल्मों की पैरोडी थे. संवाद उसी तरह लिखे गये थे. एक सीन में रवीना मुझे देख कर कहती है कि अरे ये तो अजीत की तरह दिखता भी है बोलता भी है. लेकिन फिल्म में वह सीन नहीं रह पाया था. शहजाद का कहना है कि फिल्म में ऐसे कई दृश्य हैं, जो कि फिल्म में शामिल नहीं हुए,उन दृश्यों को भी मिला कर अगर फिल्म बना दी जाये तो दर्शक काफी पसंद करेंगे. फिल्म के मुहूर्त में सचिन तेंदुलकर भी आये थे और उन्होंने शहजाद को देख कर कहा कि अरे तू भी है फिल्म में. वह फिल्म ऐसी लग रही थी जैसे हमारे बांद्रा के लड़कों की फिल्म हो. शहजाद कहते हैं कि बिजू खोटे और जावेद खान के साथ उन्होंने अधिकतर सीन्स किये थे और उसे बेहद एंजॉय भी किया था. साथ ही शहजाद का मानना है कि फिल्म के एक सीन के बारे में जो शशि थरूर कहते हैं कि वह नहीं हैं. दरअसल, उस बस में क्राउड में बैठे शख्स वहीं हैं. लेकिन उस वक्त कोई इतना पहचानता नहीं था एक दूसरे को.

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Posted By: Manoj Khadilkar

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