मुंबई। साल 1984 में तब की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए सिख विरोधी दंगों में पीड़ित लोगों को न्याय दिलाने के लिए अब सोहा अली खान ने कमर कस ली है। इसके लिए वो दिल्ली की सैकड़ों पर कैंडल लेकर उतरीं।

सोहा अली खान की फिल्म ' 31 अक्टूबर ' सिख दंगों में पीड़ित परिवारों की दास्तान है। दिल्ली में सिख दंगों के पीड़ित लोगों को न्याय दिलाने के लिए एक कैंडल मार्च का आयोजन किया गया था जिसमे फिल्म के निर्माता हैरी सचदेवा, डीएसजीएमसी के अध्यक्ष मंजीत सिंह , संसद मनोज तिवारी और दंगे का दंश भोग चुकीं निरप्रीत कौर भी शामिल हुईं।

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करीब तीन सौ लोगों के साथ निकला ये कैंडल मार्च जंतर मंतर पर समाप्त हुआ। हाल ही में कुछ राजनीतिक दलों ने फिल्म ' 31 अक्टूबर ' की रिलीज पर रोक लगाने के लिए याचिका भी दाखिल की थी , मार्च में इसका भी विरोध किया गया। फिल्म 21 अक्टूबर को रिलीज होनी है।

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​ इस मौके पर सोहा अली खान ने कहा " यह फिल्म एक सिख परिवार की एक सच्ची कहानी पर आधारित है और फिल्म में काम करने के बाद अब वो व्यक्तिगत रूप से ये समझती है कि दंगा पीड़ितों का दर्द क्या है। उन्हें जल्द न्याय मिलना चाहिए।

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Posted By: Manoj

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