नई दिल्ली, जेएनएन। पिछले दो दिन मनोरंजन जगत के लिए अच्छे नहीं गुज़रे। एक के बाद एक कई बुरी ख़बरें सुनने को मिलीं। पहले बॉलीवुड के वेटरन मेकअप आर्टिस्ट पंढरी दादा के जाने की ख़बर आयी, फिर जाने-माने बंगाली एक्टर तापस पाल के गुज़रने की ख़बर मिली। इसके बाद सिनेमा की एक और जानी-मानी हस्ती के निधन की ख़बर आयी।

दक्षिण भारतीय फ़िल्मों की वेटरन एक्ट्रेस किशोरी बलाल के निधन की ख़बर से फ़िल्म जगत को झटका लगा है। 82 साल की किशोरी को हिंदी सिनेमा के दर्शक स्वदेस की कावेरी अम्मा के रूप में पहचानते हैं। बेंगलुरु के अस्पताल में उन्होंने मंगलवार को अंतिम सांस ली। शाह रुख़ ख़ान ने कावेरी अम्मा को याद करके भावुक ट्वीट लिखा है, जिसमें उन्होंने कहा- ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे। किशोरी अम्मा की बहुत याद आएगी। ख़ासकर, वो जिस तरह से मुझे स्मोकिंग करने पर डांटती थीं। अल्लाह उनकी देखभाल करे। 

आशुतोष गोवारिकर की क्लासिक फ़िल्म स्वदेस में कावेरी अम्मा के किरदार को काफ़ी पसंद किया गया था। आशुतोष ने ट्वीट करके दुख जताया। उन्होंने लिखा- ह्रदयविदारक। किशोरी बलाल जी के निधन की ख़बर से बहुत दुखी हूं। किशोरी जी, आप अपने दयालु, गर्मजोशी और प्रेम से लबरेज़ व्यक्तित्व के लिए याद की जाएंगी। स्वदेस में आपकी कावेरी अम्मी वाली परफॉर्मेंस याद रहेगी। आप बहुत याद आएंगी। 

किशोरी बलाल ने कई 1960 में फ़िल्मी करियर शुरू किया था और कई भाषाओं के सिनेमा में काम किया। हिंदी सिनेमा में उन्होंने स्वदेस के अलावा अय्या और लफंगे परिंदे में भी काम किया था। 2004 में आयी स्वदेस शाह रुख़ ख़ान के करियर की बेहतरीन फ़िल्मों में शामिल है। इस फ़िल्म में कावेरी अम्मा के साथ उनकी बॉन्डिंग काफी शानदार थी। 

फ़िल्म में शाह रुख़ ख़ान का किरदार मोहन नासा में प्रोजेक्ट मैनेजर दिखाया गया है, जो कावेरी अम्मा को लेने इंडिया आता है। कावेरी अम्मा ने मोहन की बचपन में देखभाल की थी। फ़िल्म में गायत्री जोशी ने फीमेल लीड रोल निभाया था। 

Posted By: Manoj Vashisth

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