अनुप्रिया वर्मा, मुंबई. शाहरुख़ खान को छोटे परदे पर कर्नल राज कपूर ने सीरियल फौज़ी में ब्रेक दिया था. कर्नल राज कपूर अब इस दुनिया में नहीं हैं. उनका देहांत दिल्ली में 11 अप्रैल को हुआ. शाहरुख़ खान को जैसे ही ये बात पता चली वो काफ़ी इमोशनल हो गया l 

फौजी के निर्देशक कर्नल कपूर के देहांत पर को शाहरुख़ ने जताया शोक है और उन्हें  याद कर श्रद्धांजलि देते हुए एक तस्वीर शेयर की और लिखा है कि उन्होंने मुझे बहुत प्यार दिया है और मुझे बहुत प्रोत्साहित किया है. मैं आपको हमेशा ही मिस करूंगा. शाहरुख़ ने लिखा है कि इस लड़के को आपने फौजी बनाया . आपकी आत्मा को शांति मिले.

बॉलीवुड में शाहरुख़ खान की एंट्री से पहले जब शाहरुख़ खान ने अभिनय की दुनिया में कदम रखा था. उस वक़्त उन्हें छोटे परदे के शो फौजी से पहचान मिली थी. उन्हें पहला मौका देने का श्रेय कर्नल राज कपूर को जाता है. 

उनके परिवार ने उनके ही फेसबुक पेज से यह जानकारी दी थी कि अब कर्नल कपूर इस दुनिया में नहीं रहे. लोधी ऑडिटोरियम में दाह-संस्कार किया जाएगा. बता दें कि शाहरुख़ खान को एक बड़ा ब्रेक देने में उनका मुख्य योगदान रहा. हालांकि वह इस बात को कभी भी नहीं स्वीकारना चाहते थे कि उन्होंने शाहरुख़ खान को बनाया. वह हमेशा यही कहते थे कि उनके पेरेंट्स ने उन्हें बनाया है. उन्होंने नहीं. उनका कहना था कि उन्होंने एक सही एक्टर को उनका सही काम दिया था. उन्होंने सुपरस्टार को नहीं बनाया था. उनका यह भी मानना था कि उन्होंने तीन युद्ध में देश के लिए युद्ध लड़ते रहे. लेकिन लोगों को फिर भी यही याद रहता है कि उन्होंने शाहरुख़ खान को बनाया.

उन्होंने समर खान की किताब में अपनी बात रखी थी और शाहरुख़ खान के बारे में कई बातें बताई थीं. समर की किताब में कर्नल ने जो इंटरव्यू दिया था. उसमें उन्होंने कहा था कि शाहरुख़ अपने काम को लेकर शुरुआती दौर से ही मेहनती थे. इस शो में शाहरुख़ ने अभिमन्यु का किरदार निभाया था. समर की किताब में दिए इंटरव्यू के अनुसार कर्नल कपूर ने सबसे पहले शाहरुख़ ख़ान को अपने टीवी शो 'फौजी' से लांच किया था। ये पहली बार था, जब शाह रुख़ की अभिनय की दुनिया को एक सार्थक क़दम मिला। इस धारावाहिक में उनका नाम अभिमन्यु था और अभिमन्यु की तरह ही उन्होंने अभिनय की दुनिया का पहला चक्रव्यूह भेद लिया था। कर्नल कपूर के लिए शाह रुख़ उनके फौजी हैं।

वो उस किरदार को याद करते हुए बताते हैं-''मुझे आज भी वह गौतम नगर का दुबला-पतला सा लड़का याद है, जो मेरे घर पर आया था। उसको कहीं से यह जानकारी मिली थी कि मैं एक शो बनाने जा रहा हूं। उससे मैं इसलिए प्रभावित हुआ क्योंकि उसने आने के साथ कहा कि वह अभिनय करना चाहता है और उसे इसकी जानकारी मिली है कि मैं शो बना रहा हूं। मुझे उसका कॉन्फिडेंस कमाल का लगा था। मैंने उसे ऑडिशन के लिए बुलाया था। वह बाक़ी लड़कों के साथ पहुंचा। चूंकि शो कमांडो के ज़िंदगी पर आधारित था, तो मैंने ऑडिशन ही रखा था कि सभी को मेरे साथ दौड़ लगानी है।'

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Posted By: Manoj Khadilkar

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