मुंबई। इस हफ्ते रिलीज हो रही फिल्म 'शादी के साइड इफेक्ट्स' में विंद्या बालन फरहान अख्तर के किरदार की पत्नी की भूमिका निभा रही हैं। 'घनचक्कर' में भी वह एक पत्नी की भूमिका में थीं। क्या शादी के बाद उनके प्रति फिल्मकारों का रवैया बदल गया है, जिसकी वजह से उन्हें शादीशुदा नायिकाओं की भूमिकाएं मिल रही हैं। इस पर विद्या कहती हैं, 'इस तरह तो मैंने सोचा ही नहीं। फिर भी मैं बता दूं कि 'घनचक्कर' मैंने शादी के पहले पूरी कर ली थी। 'शादी के साइड इफेक्ट्स' की शूटिंग मेरी शादी के साथ ही आरंभ हुई।'

विद्या बताती हैं, 'शादी के साइड इफेक्ट्स' एक रोमांटिक कॉमेडी है। वैसे मैं इसे रिलेशनशिप कॉमेडी कहना ज्यादा पसंद करूंगी। रोमांटिक कॉमेडी शादी के साथ समाप्त हो जाती है, लेकिन 'शादी के साइड इफेक्ट्स' शादी के बाद आरंभ होते हैं। फिल्म के निर्देशक साकेत चौधरी हैं। उन्होंने जीनत और अरशद के साथ मिलकर एक ऐसी स्क्रिप्ट लिखी है, जो सभी की जिंदगी को छूती है। फिल्म देखते समय दर्शकों को यह अपनी कहानी लगेगी।'

तो क्या यह पति-पत्नी के संबंधों में होने वाले नित नए झगड़ों और विवादों की महानगरीय कहानी है? विद्या स्वीकार करती हैं, 'पति-पत्नी के झगड़े दूर से भले ही मजेदार दिखें, लेकिन झगड़ते वक्त पति-पत्नी अपने पक्ष को लेकर बहुत गंभीर रहते हैं। उन्हें अपनी बात सही लगती है। साकेत ने रोचक तरीके से पति-पत्नी के बीच के झगड़ों को फिल्म के दृश्यों में बदल दिया है। फिल्म देखते समय दर्शकों को हंसी भी आएगी और ताज्जुब भी होगा।'

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निजी जिंदगी में शादी और फिल्म में शादी के साइड इफेक्ट्स की घटनाएं साथ घटीं। दोनों ने एक-दूसरे को जरूर प्रभावित किया होगा। यह पूछने पर विद्या कहती हैं, 'सच कहूं तो फिल्म से मेरी शादीशुदा जिंदगी प्रभावित हुई। शादी के बाद काम की वजह से मैं सिद्धार्थ के साथ ज्यादा समय नहीं बिता सकी हूं। हर दंपति की तरह हमारे बीच भी गलतफहमियां और अंडरस्टैंडिंग के झटके चलते रहते हैं। इस फिल्म को करते हुए मैंने काफी कुछ सीखा और समझा। पत्नियों के मनोभाव को नजदीक से समझ सकी। अपनी शादीशुदा जिंदगी में मैंने उनका इस्तेमाल किया। अभिनेत्री के तौर पर चीजों को समझने की हमारी ग्राच्ता ज्यादा होती है। हम हर फिल्म के साथ कुछ सीखते जाते हैं।'

संयोग से इस फिल्म के नायक का नाम सिड है। विद्या बालन के पति सिद्धार्थ रॉय कपूर का निकनेम भी सिड है। विद्या बालन का नाम तृषा है। फिल्म में सिड और तृषा की जोड़ी वास्तविक जिंदगी में सिड और विद्या की जोड़ी से बिल्कुल अलग है। विद्या जोर देकर कहती हैं, 'कोई यह न समझे कि 'शादी के साइड इफेक्ट्स' मेरी निजी जिंदगी से प्रेरित या प्रभावित है। हम दोनों ऐसे नहीं हैं। हां, पति-पत्नी के बीच होने वाले मन-मुटाव के कारण जो भी रहते हैं, लेकिन उनका भाव-प्रभाव तो एक ही जैसा होता है।'

फरहान अख्तर के साथ काम कर विद्या बहुत खुश हैं। उनकी तारीफ करते हुए वह कहती हैं, 'फरहान नैचुरल एक्टर हैं। उनकी संवाद अदायगी और प्रतिक्रियाएं नई और अनोखी होती हैं। इस फिल्म में सिड के किरदार में वह मिल्खा सिंह से बिल्कुल अलग रूप में नजर आएंगे।'

(अजय ब्रहा्रात्मज)