अनुप्रिया वर्मा, मुंबई। संजय लीला भंसाली यह बात स्वीकारते हैं कि उनके लिए पद्मावत की पूरी कहानी कहने में सबसे बड़ी चुनौती थी कि महारावल रतन सिंह और पद्मावती के बीच के प्यार को दर्शाना था। चूंकि वह बताते हैं कि रतन सिंह के बारे में काफी कुछ लिखा नहीं गया है। कुछ-कुछ इतिहास के पन्नों में हमने जो भी पढ़ा था। कम ही लिखा गया था।

लेकिन भंसाली कहते हैं कि उन्हें वह दर्जा देना था। रतन सिंह काफी कमाल का कैरेक्टर था, तो हमें वह पेश करना था। साथ ही राजा रानी के बीच जो लव स्टोरी दिखानी थी वह बहुत जिम्मेदारी से पेश करनी थी। चूंकि रानी हैं, उन्हें कितनी मर्यादा से दिखाना है, कितना नहीं। फिर ऐसे में एक रिस्क यह भी हो जाता है कि कभी-कभी लोगों को लगता है कि अंडर प्ले करवा दिया किरदार को। बहुत लोगों ने फिल्म की रिलीज़ से पहले अफवाह उड़ा दी थी कि शाहिद का कैरेक्टर स्ट्रॉन्ग नहीं है। तो ऐसे में मेरी जिम्मेदारी थी कि इस सोच को बदलूं। यह आसान नहीं था, चूंकि फिर मुझे काफी इमेजिन करना पड़ा, जो उस कहानी के लिए काफी खास था। फिर ऐसे में मैंने यह सोचा कि मुझे उस असर के साथ चलना है। अब ऐसे में इसी तरह प्यार था कि नहीं इतिहास में, यह कहना मुश्किल है।इतिहास किसी एक पन्ने में लिखा तो नहीं होता है। इतिहास के भी अपने कई इंटरप्रेटेशन होते हैं। सदियों से यह बदलते बदलते लोगों तक पहुंचते हैं। लेकिन भंसाली कहते हैं कि मुझे यह लव स्टोरी बहुत जिम्मेदारी से दिखानी थी। ऐसे में यह जरूरी इसलिए था क्योंकि अगर रानी अपना समर्पण कर रही है तो किसके लिए कर रही है, क्यों कर रही है। अगर लव स्टोरी नहीं दिखाते तो दर्शक समझ नहीं पाते कि ये क्यों हो रहा है। यह दिखाना जरूरी था कि वह राजा से प्यार करती हैं। राज्य के लिए उनका प्यार है। वह अपना कर्तव्य अगर निभा रही हैं तो क्यों निभा रही हैं। ये सब आने के लिए उनका प्यार दिखाना बेहद जरूरी था।

संजय लीला भंसाली की तीन सुपरहिट फिल्मों ने रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण की जोड़ी हाल के दौर में हिंदी सिनेमा की सबसे लोकप्रिय जोड़ियों में से एक बन चुकी हैं। इस जोड़ी को लोकप्रिय बनाने का पूरा श्रेय संजय लीला भंसाली को ही जाता है। 

By Rahul soni