अनुप्रिया वर्मा, मुंबई। सलमान खान ने अपनी फिल्म 'ट्यूबलाइट' को अपनी जिंदगी की इमोशनल फिल्मों में से एक करार दिया है। सलमान का कहना है कि इस फिल्म में सोहेल खान का होना उनके लिए सबसे जरूरी इसलिए था क्योंकि इस फिल्म में बहुत रियल इमोशन रहे हैं। दो भाइयों की बॉन्डिंग जबरदस्त तरीके से दिखाई गयी है। ऐसे में कोई और कलाकार होता तो बहुत फेक इमोशन लाने पड़ते लेकिन इस फिल्म में सोहेल के आने से बहुत मदद मिली।

सलमान ने बताया कि कई मोमेंट्स में तो वे इतने इमोशनल हो जाते थे, कि वह जब डबिंग कर रहे थे, उस वक्त जब भी इमोशनल सीन आये हैं, जिसमें उन्हें रोना पड़ा है। वह वाकई में रोने लगते थे इसी दौरान उन्हें एक और वाकया भी याद आ गया, जब वह जेल में थे। उनकी मां, उनके पिता सलीम खान और उनके चाचू उन्हें देखने जेल में आये थे, तो सलीम ने स्माइल करते हुए पूछा था कैसे हो, वहीं दूसरी तरफ उनके चाचू ने जब उनका हाल पूछा था तो सलमान ने उनसे कहा कि हां, मैं ठीक हूं। उन्होंने मजाकिया अंदाज़ में कहा कि हां, ये जेल वन रूम स्वीट है। यह बात सुनते ही उनके चाचू रोने लगे, इस पर सलीम खान ने पूरे पठानी अंदाज़ में कहा कि पठान रोते नहीं हैं। इसलिए कभी रोना मत। जाहिर है सलमान जब भी ऐसे इमोशनल सीन करते होंगे और उनकी आंखों से आंसू आते होंगे तो उन्हें पिता की यह बात जरूर याद आ जाती होगी।

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हालांकि सलमान ने अपनी रियल लाइफ में भले ही अपने पापा की बात मान कर कभी आंसू से अपना दर्द जाहिर न करते हों, लेकिन रील लाइफ में वह कई बार रो चुके हैं, जिनमें उनकी फिल्में 'हम दिल दे चुके सनम', 'सलाम ये इश्क़', 'बजरंगी भाईजान', 'हम साथ साथ है', 'जानेमन', 'बीवी नम्बर वन' जैसी फिल्में प्रमुख हैं। 

Posted By: Rahul soni

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