मुंबई। सचिन पिलगांवकर इन दिनों वाई फिल्म्स की वेब सीरीज 'सेक्स चैट विद पप्पू एंड पापा' में नजर आ रहे हैं। ये वेब सीरीज इंटरनेट पर काफी लोकप्रिय हो रही है।

इस सीरीज के बारे में बात करते हुए सचिन ने कहा- "ये बेहद जरूरी है, कि बच्चों को सेक्स एजूकेशन दी जाए। 'सेक्स चैट विद पप्पू एंड पापा' सीरिज इसी तरफ बढ़ता हुआ एक कदम है।" पिछले कुछ सालों में सेक्स एजूकेशन को लेकर हालात बदले हैं, लेकिन भारतीय समाज का बड़ा हिस्सा आज भी इसको लेकर असहज महसूस करता है। हालांकि जब सचिन छोटे थे, तो उनके साथ ऐसा नहीं था। सचिन कहते हैं- "जब मैं सात साल का था। उस वक़्त मेरे पिताजी ने मुझसे पहली बार सेक्स के बारे में बात की थी। उन्होंने सेक्स एजुकेशन को हमेशा गंभीरता से लिया। उन्होंने मुझे उसी वक़्त जितना जरूरी था, उतनी बातें बता दी थीं। फिर जब मैं 13 साल का हुआ, तो पिताजी ने मुझे दोबारा सेक्स एजुकेशन के बारे में बताया। उस दौर में भी हमारे पिताजी इन विषयों पर बात करना जरूरी मानते थे।"

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एक तरफ ऐसी प्रोग्रेसिव वेब सीरीज के जरिए सेक्स एजूकेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ सेंसर बोर्ड के दकियानूसी होने की शिकायत भी अक्सर की जाती है। इस बारे में सचिन कहते हैं- "सेंसर को लोगों ने हऊआ बना दिया है। कई सालों पहले वर्ष 1973 में भी मेरी एक फिल्म आई थी- गुप्त ज्ञान। पूरी फिल्म ही सेक्स एजुकेशन पर थी। उस फिल्म में तो एनीमेशन के जरिए काफी कुछ दिखाया गया था। उस फिल्म को भी सेंसर बोर्ड ने आसानी से पास कर दिया था।"

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सचिन मानते हैं, कि अगर यह वेब सीरीज के बजाए फिल्म भी बनती तो इसे कोई दिक्कत नहीं होती।

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